हर्षोल्लास एवं भक्ति भाव के साथ हुई विशाश्री माताजी के चातुर्मास की मंगल कलश स्थापना

झांसी : परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105  विशाश्री माताजी के ससंघ 15 पिच्छी चातुर्मास की मंगल स्थापना , गुरुवार को अतिशय क्षेत्र करगुवां जी स्थित भगवान सांवलिया पार्श्वनाथ मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर सभागार में बड़े हर्षोल्लास एवं पूरे भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुई।श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति, चातुर्मास समिति एवं सकल जैन समाज झांसी के तत्वावधान में आयोजित चार माह तक चलने वाले इस पुनीत आयोजन में झांसी महानगर सहित बुंदेलखंड के कई जनपदों से आये जैन श्रद्धालुओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। प्रारंभ में प्रियंका जैन, वैरायटी परिवार, जिनेंद्र कुमार जैन बंगलोर और श्रीमती रचना जैन लोकपथ एवं प्रभावना मंडल करगुवांजी की सदस्याओं ने मंगलाचरण किया। इससे पूर्व दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन लोकपथ ने माताजी की आध्यात्मिक यात्रा के बारे में विस्तार से बताया।तदुपरांत पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, डा.निर्देश‌ जैन, डा.राजीव जैन, विवेक जैन, निर्माण मंत्री भागचंद जैन, चातुर्मास समिति के कोषाध्यक्ष बाहुवलि जैन, रवीन्द्र जैन रेलवे,डा.राजीव सिंघई,अनूप जैन,अनिल जैन बीड़ी वाले, अमित जैन, संजय जैन कर्नल, बुंदेलखंड प्रेस वैलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष शीतल तिवारी ने दीप प्रज्वलित किया।

इस मौके पर बोलते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि परम विदुषी  माताजी का यह चातुर्मास समूचे बुंदेलखंड का सौभाग्य बढ़ायेगा। पिछले ३२वर्षों से पूरे देश में  आध्यात्मिक ज्योति का प्रकाश फैला रही माताजी ने अब तक तीन दर्जन से अधिक ग्रंथों की रचना की है, उनके ग्रंथों के पठन पाठन एवं माताजी के मंगल उपदेश सुनकर और उनका अनुसरण करके समस्त बुंदेलखंड वासी लाभान्वित होंगे।
समारोह के मौके पर धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए विशाश्री माताजी ने कहा कि अहिंसा धर्म को मानने वाले और उसका पालन करने वाले साधु-संत एक ही स्थान पर ठहर कर अपनी साधना करते हैं जिससे जीवन हिंसा न हो।इस प्रकार चातुर्मास से  अहिंसा धर्म का पालन भी हो जाता है और जीव जंतुओं की रक्षा भी हो जाती है। उन्होंने चातुर्मास समिति एवं झांसी तथा बुंदेलखंड वासियों सहित स्वयं के लिए पावन बर्षा योग को सुखद संयोग बताते हुए कहा कि यह सब गुरु कृपा और आप सबके पुण्यकाल उदय होने के कारण ही यह संयोग शुभ हुआ है। उन्होंने धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं से आहार विहार में सहयोग करने तप और साधने में सहयोग करने की सहमति भी मांगी जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर हामी भरी और चातुर्मास करने हेतु विनय पूर्वक निवेदन किया। उन्होंने कहा कि साधक तो कुछ समय  साधु संतों और साध्वियों के बिना रह सकता है किंतु साधु साध्वियां बिना साधकों के नहीं  रह सकते हैं उन्हें तो प्रतिदिन साधकों के सहयोग की आवश्यकता होती है।
इस मौके पर उ.प्र.सरकार के पूर्व मंत्री रवीन्द्र शुक्ल,  वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह यादव, अनिल रिछारिया ने माताजी से मंगल आशीर्वाद लिया।इस मौके पर एड.प्रकाशचंद्र जैन,मक्खन जैन, कुलदीप जैन, राजकुमार जैन बाबा,शशांक जैन, राजेन्द्र जैन एड. अनूप जैन  प्रेस, अशोक जैन जैनिथ, मुकेश जैन अछरौनी, सनी जैन चैनू ,डा.आर बी जैन कोंच,डा.रुचि जैन ,  मनीष जैन कुलदीप जैन चंदेरी, हर्षित जैन, ,डा.प्रदीप जैन मौजूद रहे।
पं प्रदीप जैन शास्त्री ललितपुर एवं पं विनोद जैन बबीना के मार्गदर्शन में सभी धार्मिक क्रियायें विधि विधान  से सम्पन्न करायी गयी। ध्वजारोहण का सौभाग्य श्रीमती सुनीता राजीव जैन,  कमल जैन शिवाजी परिवार को मिला।संचालन दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन एवं कारगुवा जी मंत्री  एड . शिरोमणि जैन ने किया न किया।अंत में एवं चातुर्मास समिति के मुख्य संयोजक विनोद जैन ठेकेदार ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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