पड़रा गौशाला पहुंची जांच टीम, अभिलेखों की जांच और गोवंश की पुनर्गणना के बाद होगी आगे की कार्रवाई
झांसी : बंगरा ब्लॉक के ग्राम पड़रा स्थित गौशाला में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद गठित विभागीय जांच टीम ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच टीम का नेतृत्व खंड विकास अधिकारी बंगरा सुनील कुमार ने किया। इस दौरान जिले से आए अधिकारियों से संबंधित विभागीय अधिकारी झांसी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। जांच के दौरान अधिकारियों ने गौशाला की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा अभिलेखों की जांच कर आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत में गोवंश की मौत, अभिलेखों में अनियमितता तथा अन्य व्यवस्थागत कमियों के आरोप लगाए गए हैं। अभिलेखों के अनुसार गौशाला में 574 गोवंश दर्ज हैं, लेकिन कई पशुओं के ईयर टैग नहीं मिलने के कारण 4 अगस्त को दोबारा गोवंश की गणना कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों के परीक्षण, पुनर्गणना और सत्यापन के बाद ही अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं गौशाला संचालक ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वर्ष 2022 से वह गौशाला का संचालन कर रहे हैं और कुछ लोग उन्हें जानबूझकर निशाना बनाकर बार-बार झूठी शिकायतें कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच टीम को सभी आवश्यक अभिलेख एवं साक्ष्य उपलब्ध करा दिए गए हैं और उन्हें प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि शिकायतें असत्य साबित होती हैं तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी ओर शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पिछले चार वर्षों में बड़ी संख्या में गोवंश की मौत हुई है। उनका कहना है कि पशुओं को पर्याप्त चारा और उचित देखभाल नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी। साथ ही उन्होंने ईयर टैग और अभिलेखों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने किसी भी पक्ष के दावों की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि निष्पक्ष जांच पूरी होने और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर : धीरेन्द्र सोनी
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