झाँसी के प्राचीन हजारिया महादेव मंदिर में भक्तों ने भगवान महादेव का किया जलाभिषेक
झांसी : आज झांसी के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र प्राचीन हजारिया महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर हजारों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे प्राचीन पानी वाली धर्मशाला पर स्थित हजारिया महादेव मंदिर मे श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं श्रद्धालुओं में भगवान शिव के प्रति विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली।
झांसी में पहले गोसाई नागा सन्यासीयों का शासन था जो भगवान शिव के बड़े उपासक थे और उनके द्वारा ही इस प्राचीन हजारिया महादेव मंदिर सहित झांसी में की भव्य शिव मंदिरों का निर्माण कराया गया था इस प्राचीन शिवलिंग में 1100 छोटे-छोटे शिवलिंग भी विराजमान है इसीलिए यह शिवलिंग का जल अभिषेक करने से 1100 शिवलिंग का जल अभिषेक करने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है और इसीलिए इस इस प्राचीन शिवलिंग को हजारिया महादेव कहते हैं। मान्यता है कि झांसी की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई भी इस प्राचीन हजारिया महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आया करती थीं। यही कारण है कि यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि इस प्राचीन मंदिर में भोले बाबा का जल अभिषेक करने से मुंह मांगी कामना पूरी होती है वही मध्य प्रदेश के ओरछा की बेतवा नदी से कावड़ लेकर बड़ी संख्या में कांवड़िए हजारिया महादेव का जल अभिषेक करने आते हैं।
No Previous Comments found.