स्त्रोतों की निधि है भक्तामर स्त्रोत: विशाश्री माताजी

झांसी : दिगम्बर जैन पंचायत समिति, चातुर्मास समिति एवं सकल जैन समाज झांसी के तत्वावधान में आयोजित पावन वर्षायोग में लीन ससंघ (15 पिच्छी) परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105‌ विशाश्री माताजी के पावन सानिध्य में आचार्य विद्यासागर सभागार में विश्व कल्याण की मंगल कामना के साथ चल‌ रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के तृतीय दिवस की मंगल देशना देते हुए आर्यिका 105 विशा श्री माताजी ने कहा कि स्त्रोतों की निधि है भक्तामर स्त्रोत, यह अपने आप में मंत्र, तंत्र और यंत्र भी है। भक्तामर स्त्रोत का एक एक काव्य महिमा पूर्ण है जिसकी भक्ति भाव से आराधना करने पर श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है।  उन्होंने भक्तामर स्त्रोत  की महिमा का गुणगान  करते हुए  कहा कि इसका एक एक अक्षर मंत्र है।इसका दूसरा नाम आदिनाथ  स्त्रोत भी है। इस विधान  में हर दिन एक ही काव्य की आराधना होती है । एक दिन भी यदि रिद्धि , मंत्र और काव्य की आराधना की जाये तो भी वह पुण्यफल का भागीदार बन बन जाता है फिर जो लोग लगातार 48 दिनों तक भक्ति भाव से लीन होकर आदिनाथ की आराधना करते हैं उनको निश्चय ही श्रेष्ठ फल मिलता है। उन्होंने ग्रंथ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि परिचय से प्रीति बढ़ती है और प्रीति में ही फल की प्राप्ति होती है। माताजी ने बताया कि आचार्य मानतुंग स्वामी ने म.प्र.के धार (भोजपुर) के कारागार में चौदह सौ वर्ष पहले इसकी रचना की थी। तृतीय दिवस बुधवार के पुण्यार्जक श्रीमती निर्मला गजेंद्र जैन,श्रीमती ममता चौधरी जिनेंद्र जैन, श्रीमती जिया समय राज, श्रीमती मेघना लहर राज तालबेहट परिवार रहे। शांति धारा का सौभाग्य जिनेंद्र कुमार जैन एवं निर्माण मंत्री भाग्यचंद्र जैन को प्राप्त हुआ। माताजी के ससंघ में चातुर्मासरत दीदियों के संचालन में सभी धार्मिक  क्रियायें सम्पन्न कर अर्घ समर्पित किये गये। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन एवं करगुवांजी मंत्री एड. शिरोमणि जैन ने संयुक्त रुप से किया।अंत में एवं चातुर्मास समिति के विधि सलाहकार अशोक जोन जैनिथ ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, यूथप जैन पिंकी,अजय जैन धमासिया,राजकुमार जैन बाबा, विनोद जैन ठेकेदार, बाहुबलि जैन,डा.अभय मोदी, नरेन्द्र  जैन, राजीव जैन रानू, विकास जैन, सुरेन्द्र जैन, अक्षय जैन,प्रीति जैन,श्रीमती सरोज जैन श्रीमती रानी जैन श्रीमती प्रीति शिरोमणि जैन श्रीमती बबली चाची श्रीमती उषा जैन श्रीमती पूजा जैन श्रीमती शशि जैन जैनिथ आदि मौजूद रहे।

 

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