जर्जर मकान ने छीनी महिला की जान, पीड़ित परिवार अब भी कच्चे घर में रहने को मजबूर
झाँसी - चूड़ी वाली गली में सोमवार को तेज बारिश के दौरान जर्जर मकान गिरने से घायल हुए पति-पत्नी में उपचार के दौरान पत्नी की मौत हो गई। हादसे के बाद समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मुकेश कुमार ने डॉ. संदीप को बताया कि मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। घर की मरम्मत के लिए नगर निगम के डूडा कार्यालय में आवेदन भी दिया गया था, लेकिन आरोप है कि संबंधित विभाग की ओर से समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिवार का कहना है कि यदि जर्जर मकान की स्थिति को लेकर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था और उनकी पत्नी सरोज आज जीवित होती। पीड़ित परिवार के अनुसार,हादसे के बाद समाचार पत्रों में परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी प्रकाशित हुई थी। जब पीड़ित के पुत्र ने बैंक जाकर खाते की जानकारी ली तो खाते में किसी प्रकार की राशि नहीं पहुंचने की बात सामने आई।
डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया है और अब भी पीड़ित परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि सांसद,विधायक अथवा अन्य किसी निधि से पीड़ित परिवार को आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को सुरक्षित आवास मिल सके। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार वर्तमान में कच्चे घर में रहने को मजबूर है और यहां दोबारा भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है। डॉ. संदीप ने पीड़ित परिवार को अपनी ओर से यथासंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही तथा संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार की मदद करने की अपील की।
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