मोक्ष का मार्ग हाईवे नहीं वन वे है: विशाश्री माताजी
झांसी : अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के तेइसवें दिन मंगलवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने कहा कि मोक्ष का मार्ग हाईवे नहीं वन वे है। जिस प्रकार दूध से घी प्राप्त कर पुनः घी से दूध नहीं बनाया जा सकता उसी प्रकार जो जीव एक बार मोक्ष को प्राप्त कर लेता है वह सिद्धस्त हो जाता है और कभी लौटकर नहीं आता है। उन्होंने कहा कि भगवान का ज्ञान रूपी सूर्य कभी अस्त नहीं होता। सूर्य तो कभी बादलों में छिप जाता है तो कभी अस्ताचल की ओर चला जाता है या फिर लोगों तपन देता है अथवा छह माह के भीतर पड़ने वाले ग्रहण के कारण ढंक जाता है जिस कारण पृथ्वी पर अंधकार छा जाता है परन्तु भगवान का प्रकाश और प्रताप सदैव तीनों लोकों में सभी को आनंदित कर शीतलता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति कर हम सब केवल्य ज्ञान प्राप्त कर स्वयं सुशोभित हो सकते हैं।
इससे पूर्व मंगलवार के पुण्यार्जक दिगम्बर जैन महासमिति महिला मंडल गुदरी बड़ाबाजार, श्रीमती ऊषा जैन मातेश्वरी राखी रंजना जैन विश्व परिवार, विशाल नेहा जैन, ऐश्वर्य मोनिका जैन भोपाल ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया,माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया एवं पं दीपक जैन करैरा के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत के महामंत्री कमल जैन लोकपथ एवं करगुवां मंत्री शिरोमणि जैन ने किया।
अंत में अशोक जैन जैनिथ ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर श्रीमती रानी भागचंद जैन निर्माण मंत्री, सुभाष जैन बिजली वाले राजकुमार जैन बाबा अक्षत जैन सौरभ जैन संतोष जैन जल निगम संजय जैन तलवेट राजेंद्र जैन बिजना वाले प्रीति शिरोमणि श्रीमती बबली चाचा श्रीमती सरोज जैन श्रीमती इंद्र जैन ज्योति जैन, दिनेश जैन बक्सा वाले रेणु जैन कटरा अनूप जैन पडरा वीरेंद्र जैन नेडा ,शशांक जैन, , रौनक जैन,इंजी. बालचंद जैन, आदि मौजूद रहे।
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