प्रभु की भक्ति कर जीवन रुपी फसल संवार लें :विशाश्री माताजी
झांसी : अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के पच्चीसवें दिन गुरुवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने आचार्य मानतुंग स्वामी द्वारा लिखित भक्तामर ग्रंथ के काव्य का व्याख्यान करते हुए कहा कि जिस प्रकार पानी से भरे हुए धान के जिनकी फसल पककर तैयार है उन्हें बारिश और बादलों की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि तैयार फसल पर बादल बरस जायें या बज्रपात हो जाये तो पूरी फसल नष्ट हो जाती है। उसी प्रकार जीव को राग ,द्वेष, ईर्ष्या, अहंकार लोभ, मोह रुपी कीड़े लग जायें तो जीवन रुपी फसल जो पककर तैयार है सिर्फ बिशुद्धि के फल लगना ही शेष है, को नष्ट कर देंगे। अतः हम सबको चाहिए कि हम अपने जीवन रुपी फसल को प्रभु की भक्ति करके समय रहते व्यवस्थित कर संवार लें। इससे पूर्व गुरुवार के पुण्यार्जक पूर्व वित्त अधिकारी सुधीर कुमार जैन,सीए जयंतमणि डा.मनीषा जैन,एड.शिरोमणि प्रीति जैन,डा.सुभाषिनी जैन,सीए इश्रिता जैन, मृदुभाषनी जैन इंग्लैंड,सीए पलोमी जैन,रक्षिता जैन,दयाक्षि जैन एवं समस्त मोदी परिवार ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया,माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया एवं समस्त धार्मिक क्रियायें पंडित दीपक शास्त्री करेरा ने सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये। संचालन दिगम्बर जैन पंचायत के महामंत्री कमल जैन लोकपथ राजीव जैन अहिंसा ने किया।अंत में निर्माण मंत्री भागचंद जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर वीरेंद्र जैन नेडा,सुभाष जैन बिजली वाले,राजकुमार जैन बाबा अशोक जैन जेनिथ कुलदीप जैन रंजीत जैनअक्षत जैन सौरभ जैन संतोष जैन जल निगम संजय जैन छतरपुर सिद्धार्थ जैन सत्यजीत जैन रानू जैन बघेरा बाहुबली जैन , इंजीनियर बालचंद जैन रजनीश जैन रॉबिन जैन राजेंद्र जैन बिजना आदि मौजूद रहे।
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