मानव जीवन पेड़ के सूखे पत्ते की तरह है:विशाश्री माताजी
झांसी : अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के बत्तीसवें दिन गुरुवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुये कहा कि आज की परिस्थिति वश देखकर ऐसा लगता है कि छठवें काल के अंत में आने वाला प्रलयकाल नजदीक है न जाने कब प्रकृति प्रकोपित हो और पूरा विश्व ही प्रलय से नष्ट हो जाये, क्योंकि वर्तमान काल में ऐसी ऐसी अनहोनी घटनाएं घट रही हैं और तो और साधुओं की हत्या तक हो रही है। यह आने वाले छठवें काल की झांकी मात्र है। उन्होंने कहा कि प्रकृति प्रकोपित होती है तब इस प्रकार की घटनाएं घटती होती हैं। वे कहती हैं कि मानव मात्र को मिला जीवन भी पेड़ के सूखे पत्ते की तरह है पता नहीं कब पेड़ से गिर जाये, इसलिए हम सबको जागृत होकर अपनी आत्मा के बारे में चिंतन और मनन करना है , इसलिए इस दुर्लभ मौके का लाभ उठाकर प्रभु भक्ति और आराधना कर अपने आपको प्रकृति के प्रकोप से सुरक्षित कर सकते हैं।इससे पूर्व गुरुवार के पुण्यार्जक श्रीमती नीतू बृजेन्द्र जैन मोदी, श्रीमती रेखा अरुण जैन मोदी, श्रीमती तृप्ति जैन, श्रीमती ज्योति विनय जैन एवं समस्त मोदी परिवार झांसी ने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया, माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन कर पं दीपक जैन करैरा एवं मुन्ना लाल जैन कलकत्ता के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये।तदुपरांत पुण्यार्जक परिवारों एवं जिनेंद्र जैन बैतूल, दिनेश कुमार तिवारी भोपाल एवं सेवानिवृत्त सहायक प्रबंधक उ.प्र.परिवहन झांसी रमाशंकर चौधरी को माला एवं पगड़ी पहनाकर दिगम्बर जैन पंचायत समिति के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।संचालन करगुवांजी मंत्री एड.शिरोमणी जैन ने किया।अंत में भागचंद जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर अशोक राजकुमार जैन बाबा,विधि सलाहकार अशोक जैन,श्रीमती रानी भागचंद, श्रीमती प्रीति शिरोमणि जैन, श्रीमती कल्पना जैन,विकास जैन रानू,अक्षत जैन,विजय जैन पीएनबी नरेंद्र जैन नारायण बाग इंजीनियर बालचंद जैन रवि जैन बिजौली वीरेंद्र जैन पूर्व डीएफओ प्रिंस जैन स्वाति जैन श्रीमती कमल जैन श्रीमती ऊषा जैन आदि मौजूद रहे।
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