पड़ोसी की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास, एक लाख बीस हजार रुपए अर्थदण्ड
झांसी : शराब पीने के दौरान हुए विवाद में पड़ोसी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या का दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम नेत्रपाल सिंह के न्यायालय में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी साथ ही 01 लाख 20 हजार रुपए अर्थदण्ड भी लगाया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ज्ञान स्वरूप (पिंटू) राजपूत के अनुसार अखाड़ा पुरा रावतयाना मोंठ निवासी वादी मुकदमा राजेश आदिवासी ने थाना मोंठ पर तहरीर दी थी कि 26 मई 2022 को मेरे पिता का घर के सामने रहने वाले संतोष आदिवासी उर्फ पिट्टे पुत्र दीनदयाल उर्फ टुंडे से शराब पीने खाने के दौरान झगड़ा हो गया था तभी से पिट्टे उन्हें मारने की फिराक में घूम रहा था। 29/30 मई 2022 की रात्रि में मौका पाकर संतोष उर्फ पिट्टे ने कुल्हाड़ी से गला काटकर पिता की हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर थाना मोंठ पर अभियुक्त संतोष आदिवासी उर्फ पिट्टे के विरुद्ध धारा-302 भारतीय दण्ड संहिता में मुकदमा पंजीकृत किया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से आलाकत्ल कुल्हाड़ी बरामद की गयी।विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त संतोष आदिवासी उर्फ पिट्टे के खिलाफ धारा 302,449 भा०द०सं० में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
बुधवार को न्यायालय में दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अभियुक्त संतोष आदिवासी उर्फ पिट्टे को धारा 302,449 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में दोषसिद्ध किया गया।
सजा के बिन्दु पर सुनवाई उपरांत गुरुवार को दोषसिद्ध अपराधी सन्तोष आदिवासी उर्फ पिट्टे को धारा-302 भारतीय दण्ड संहिता में आजीवन कारावास एवं एक लाख रूपये के अर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा न करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास ,धारा-449 भारतीय दण्ड संहिता में 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20 हजार रूपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर 3 माह के अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई गयी।
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