प्रभु की भक्ति से सभी प्रकार के रोगों का शमन होता है:विशाश्री माताजी

झांसी : अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के चौतीसवें दिन शनिवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल‌ देशना देते हुए कहा कि भगवान को भक्ति भाव के साथ नमस्कार करने से सभी प्रकार के रोगों का शमन होता है। उन्होंने आचार्य मानतुंग स्वामी द्वारा लिखित भक्तामर ग्रंथ के काव्य की व्याख्या करते हुए कहा कि जिस प्रकार सूर्य की किरणों से रोशनी प्राप्त कर पृथ्वी पर सभी प्रकार के पेड़ पौधों में  फूल खिल जाते हैं उसी प्रकार भगवान के सम्मुख जाकर उन्हें नमस्कार करने से शरीर के सभी प्रकार के रोगों का शमन हो जाता है इसलिए हम सभी श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के साथ एकाग्र होकर प्रभु की आराधना करें। इससे पूर्व शनिवार के पुण्यार्जक रमेशचंद्र विनोद कुमारी,नितिन श्वेता जैन,जितिन अंशुल,विपिन रुचि,आरुषि अनु श्री, स्वस्ति, आराध्या,अतिशय, कृतिका, महावीर एवं समस्त अछरौनी परिवार तथा राकेश‌ रेखा जैन, प्रदीप दीपिका,सुधीर आशा ,रविंद्र सुषमा संजय सीमा ,राजीव सविता एवं समस्त चिरगांव‌ परिवार रहे जिन्होंने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया, माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन कर पं दीपक जैन करैरा के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये। तदुपरांत पुण्यार्जक परिवारों का माला एवं पगड़ी पहनाकर दिगम्बर जैन पंचायत समिति के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।संचालन करगुवांजी मंत्री एड.शिरोमणी जैन ने किया।अंत में विधि सलाहकार अशोक जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर राजकुमार जैन बाबा,डा.अमित जैन, श्रीमती रानी भागचंद जैन, श्रीमती कल्पना जैन,विकास जैन रानू,अक्षत जैन, शशांक जैन आदि मौजूद रहे।

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