पाप का बाप है लोभ:विशाश्री माताजी

 झांसी :  अतिशय क्षेत्र करगुवांजी स्थित विद्यासागर सभागार में पर्युषण पर्व"के चौथे दिन उत्तम शौच पर्व पर मंगल देशना देते हुए गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने कहा कि सिर्फ शरीर नहीं मन को भी साफ रखें। बुरे विचार,लालच,मोह से दूर रहना ही उत्तम शौच है।जिस प्रकार हम मकान साफ करके कचरा बाहर फेंकते हैं उसी प्रकार बुरे विचारों को भी बाहर फेंकना है। जहां सुचिता, पवित्रता होती है वहीं शौच है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जब से शरीर मिला तभी से लगातार वह शरीर की गंदगी हटाता रहता है फिर भी शरीर साफ नहीं होता क्योंकि शरीर में अंदर और बाहर दोनों में ही मलद्वार है।इसे साफ करने के अलावा हम अपनी आत्मा से कषायों को हटाकर शरीर और मन दोनों को पवित्र कर सके तो निश्चित ही कल्याण संभव है।लोभ को पाप का बाप बताते हुए  उन्होंने कहा कि लोभ सबसे ख़तरनाक है। संसारी लोगों में कभी रुप का, धन का तो कभी भवन का अथवा पद, प्रतिष्ठा या परिवार का लोभ मन में आ ही जाता है जो हमें पुरुषार्थ करने से रोकता है और पापों की ओर धकेलता है। वे कहती हैं कि लोग शरीर को साफ और सुंदर बनाने में अनंत काल से करोड़ों खर्च करता आ रहा है लेकिन शरीर न साफ हुआ है और‌ न‌ होगा। इसलिए कर्मों की गंदगी को साफ कर आत्मा पवित्र बनाओ। आत्मा पवित्र हो जायेगी तो परमात्मा से मिलन होगा और तीन लोक के शिखर पर बिराजमान हो जाओगे।इससे पूर्व भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के अडतालीसवें दिन शनिवार के पुण्यार्जक श्रीमती मन्नूदेवी  जैन, श्रीमती रीता आलोक जैन, श्रीमती दीपा पवन जैन एड.डा.अनुष्का जैन, श्रीमती इशिका अक्षत जैन,डा.अनुज जैन करगुवांजी , श्रीमती ललिता जैन, श्रीमती ऊषा दीपक जैन, श्रीमती पूनम विशाल जैन, आयुष, आयुषी, मोक्ष, पवित्र जैन एवं समस्त परिवार सदर बाजार रहे, जिन्होंने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया, माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया एवं पं.कमलेश जैन‌ शास्त्री छतरपुर  के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये। प्रारंभ में चातुर्मास समिति के मुख्य संयोजक विनोद कुमार जैन ठेकेदार एवं पुण्यार्क परिजनों ने आचार्य श्री विमल सागर जी के चित्र के संमुख दीप प्रज्ज्वलित करने का सौभाग्य प्राप्त किया।
संचालन कमल जैन लोकपथ एवं एड.शिरोमणी जैन ने संयुक्त रुप से किया।अंत में सि.संजय कुमार जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डा.राजीव सिंघई, विकास जैन, श्रीमती रानी भागचंद जैन, श्रीमती प्रीति शिरोमणि जैन, अशोक कुमार जैन जैनिथ, नरेन्द्र जैन नारायण बाग, वीरेंद्र जैन नेडा सहित बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु मौजूद‌ रहे।

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