दलित के साथ गाली-गलौच, मारपीट कर जान से मारने की धमकी के मामले में दो को दो-दो साल का कठोर कारावास
झांसी : दलित के साथ गाली-गलौच, मारपीट कर जान से मारने की धमकी के मामले में दोषी दो अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम नेत्रपाल सिंह के न्यायालय ने दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक कपिल करौलिया के अनुसार वादी/पीड़ित रग्धू साहू (गोली) ने थाना समथर पर तहरीर दी थी कि 30 अगस्त 2018 को अपने घर से नहर पर शौच क्रिया करने गया था कि करीब 6 बजे शाम को राहुल पुत्र बृजभान निवासी तिवरयाना,गौरव पुत्र बालजी गुर्जर तथा विक्रम पुत्र वीरभान चौहान निवासी ग्राम बडोखरी थाना समथर, सरून पुत्र नामालूम निवासी अज्ञात ने मुझे चुंगी नाका पर रोक लिया और पुरानी रंजिश मानते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज की। जब मैंने इसका विरोध किया तो सभी लोगों ने लाठी डण्डों से मारपीट की। मैं किसी तरह वहाँ से अपने घर आया तब पीछे पीछे घर पर आ गये और घर में घुस कर भी मारा पीटा। माँ, भाई के चिल्लाने पर मुहल्ले के लोग आ गए तो जान से मारने की धमकी देकर भाग गये। मारपीट में मेरा मोबाइल भी गिर गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। जहां प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अपराधी राहुल सिंह एवं विक्रम सिंह को धारा 323,504 भारतीय दण्ड संहिता में दण्डनीय अपराध के लिए 1-1 वर्ष के कठोर कारावास एवं 01-01 हजार रूपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर 15-15 दिन के अतिरिक्त कारावास ,धारा 506 भारतीय दण्ड संहिता में दण्डनीय अपराध के लिए 2-2 वर्ष के कठोर कारावास एवं 02-02 हजार रूपये के अर्थदण्ड , अर्थदण्ड अदा न करने पर 1-1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा धारा 3(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में भी 1-1 वर्ष के कारावास एवं 01-01 हजार रूपयेअर्थदण्ड ,अर्थदण्ड अदा न करने पर 15-15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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