झांसी मंडल में गैर-किराया राजस्व सृजन को नई गति

झांसी :  आज मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ  मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अमन वर्मा के निर्देशन में यात्री किराये से इतर आय के नए एवं नवाचारी स्रोत विकसित करने की दिशा में झांसी मंडल द्वारा Non-Fare Revenue (NFR) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। रेलवे की उपलब्ध एवं अप्रयुक्त परिसंपत्तियों, वाणिज्यिक स्थानों तथा अन्य संभावित संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से सितंबर 2026 तक कुल 75 NFR अनुबंध प्रदान किए गए हैं।

इन अनुबंधों से लगभग ₹5 करोड़ का वार्षिक लाइसेंस शुल्क अर्जित होगा, जबकि इनकी कुल 5-वर्षीय अनुबंधित राशि लगभग ₹28 करोड़ है। विशेष रूप से, चालू वित्तीय वर्ष में गैर-किराया राजस्व से अर्जित आय पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 200 प्रतिशत अधिक रही है।
Non-Fare Revenue अर्थात गैर-किराया राजस्व रेलवे की ऐसी गैर-पारंपरिक आय है, जो यात्री किराये से अलग विभिन्न रेलवे परिसंपत्तियों एवं उपलब्ध स्थानों के व्यावसायिक उपयोग से प्राप्त होती है। इसके अंतर्गत रेलवे की उपलब्ध भूमि एवं परिसरों, स्टेशन क्षेत्र, विज्ञापन स्थल, मोबाइल परिसंपत्तियों तथा अन्य वाणिज्यिक अवसरों का नियमानुसार उपयोग कर अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया जाता है।
झांसी मंडल द्वारा NFR को केवल राजस्व अर्जन का माध्यम न मानकर यात्री सुविधाओं के विस्तार और स्टेशन परिसरों के बेहतर उपयोग से भी जोड़ा गया है। इस क्रम में विभिन्न स्टेशनों पर रेल कैफे, फूड वैन, ड्रिंक्स वेंडिंग मशीन, प्रीमियम स्टॉल एवं स्टेटिक जनरल आउटलेट जैसी यात्री उपयोगी सुविधाओं को बढ़ावा दिया गया है।
इसी क्रम में ग्वालियर में गेमिंग जोन, उरई स्टेशन पर मिलेट्स स्टॉल तथा दतिया में पूजा सामग्री कियोस्क जैसी विशेष पहल भी की गई हैं। रेल कैफे की सुविधा ललितपुर, टीकमगढ़, दतिया, चित्रकूट, महाराजा छत्रसाल स्टेशन छतरपुर, महोबा सहित विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार ग्वालियर, बेटवा क्लब झांसी एवं भिंड में फूड वैन तथा ग्वालियर, ललितपुर, टीकमगढ़, डबरा, दतिया, पुखरायां, चित्रकूट एवं बांदा सहित विभिन्न स्टेशनों पर ड्रिंक्स वेंडिंग मशीनों की सुविधा विकसित की गई है।
NFR के अंतर्गत MISC Static Services, RDN, Mobile Asset, OOH सहित विभिन्न श्रेणियों में अवसर विकसित किए गए हैं। इसका दायरा झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों के साथ-साथ छोटे एवं मध्यम स्टेशनों तक बढ़ाया गया है, जिससे रेलवे की उपलब्ध परिसंपत्तियों का व्यापक, व्यवस्थित एवं वाणिज्यिक रूप से टिकाऊ उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उक्त योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में वाणिज्य निरीक्षक अमित मिश्र द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है I 
इस संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, झांसी मंडल ने कहा कि—
“गैर-किराया राजस्व रेलवे के लिए आय का एक महत्वपूर्ण गैर-पारंपरिक स्रोत है, जो यात्री किराये से अलग रेलवे की उपलब्ध परिसंपत्तियों एवं स्थानों के बेहतर सदुपयोग के माध्यम से अर्जित किया जाता है। इस वर्ष झांसी मंडल ने NFR के क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 200 प्रतिशत अधिक अर्जन किया है। हमारा प्रयास केवल अतिरिक्त राजस्व सृजित करना नहीं, बल्कि NFR के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और रेलवे की उपलब्ध परिसंपत्तियों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना भी है। आने वाले समय में भी ऐसे नए अवसरों की पहचान कर NFR को और बढ़ावा दिया जाएगा।”

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