बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, पी.एच.सी एवं सी. एच. सी. में खाली पद व आवश्यक उपकरण यथा शीघ्र उपलब्ध करवाए जाएं

झांसी :   बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से दिया गया। ज्ञापन में कहा गया कि अति पिछड़ा व बदहाल बुंदेलखंड के लोगों के पास इलाज के लिए पैसा नहीं होता हैं इसलिए बुंदेली लोग सरकारी चिकित्सालयों पर निर्भर होकर अपनी बीमारी का इलाज करवाने को बाध्य रहते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। बुंदेलखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालो, सी.एच.सी व पी.एच.सी में न तो पर्याप्त चिकित्सक, मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ हैं और न चिकित्सीय उपकरण। इस कारण जो थोड़े  सामर्थ्यवान लोग हैं वो लखनऊ या दिल्ली जाकर अपना इलाज करवा लेते हैं और जो समर्थ्यवान नहीं होते हैं उनकी जीवन लीला इलाज के अभाव में समाप्त हो जाती है।
      बुंदेलखंड क्षेत्र के सबसे पुराने महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज की बदहालता की ओर आकर्षित कराते हुए बताना चाहते हैं।
      प्रथम वर्ग, चिकित्सक, द्वितीय एवं (मेडिकल कॉलेज), तृतीय वर्ग (अस्पताल), चतुर्थ वर्ग एवं आउटसोर्स के कुल सृजित पद मात्र 60 प्रतिशत से कम भरे हैं बाकी सब रिक्तियाँ हैं। आखिर हम बुन्देलियों को किस गुनाह की सजा दी जा रही है कि जो हमें चिकित्सीय अभाव में बिन मौत मारा जा रहा है। 
        महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को एम्स के रूप में उच्चीकृत किया जाए क्योंकि मेडिकल कॉलेज, झाँसी लगभग सभी वह अर्हताएं पूरी करता है जो एम्स के लिए आवष्यक हैं।
          महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में मात्र एक एम.आर.आई, एक सी.टी, दो अल्ट्रासाउंड मशीन हैं। मेडिकल कॉलेज में 20 करोड़ से ज्यादा के चिकित्सीय उपकरणों की आवश्यकता हैं परन्तु सरकार 3-4 करोड़ ही दे रही है। क्या इससे यहां अच्छी चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो सकती है।
     जब महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज की इतनी दयनीय स्थिति है तो सोचिए बांदा, उरई और ललितपुर के मेडिकल कॉलेजों की स्थिति क्या होगी। बुन्देलखण्ड के सभी जिलों के जिला अस्पताल  में भी 100ः भर्तियाँ पूरी की जाएं।
        समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों को चिकित्सीय क्षेत्र में नियमित किया जाये जिससे आउटसोर्स के कर्मी भी मन लगाकर कार्य कर सकेंगे।
         आपसे आग्रह है कि हमारी उपरोक्त मांगों को 20 अक्टूबर तक पूरा करें अन्यथा गांधी उद्यान, झाँसी में 21 अक्टूबर से प्रारम्भ होने वाले अनशन सत्याग्रह एवं ‘‘तुम्हें प्रभु राम कौ कोल (कसम)’’  अभियान किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी।   
         ज्ञापन देने वालो में रघुराज शर्मा, उत्कर्ष साहू, अनिल कश्यप, अभिषेक तिवारी, प्रेम सपेरा, प्रभूदयाल कुशवाहा, पंकज रावत, नरेंद्र कुशवाहा, शाहजहां बेगम, साईदा बेगम, सूरज वर्मा, फहीम खान, अनिल कुमार, महताब आलम, वेद प्रकाश, आदि उपस्थित रहे।

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