महिलाओं के सम्मान पर कांग्रेस का दोहरा मापदंड क्यों?

झांसी-आज भारतीय  जनता महिला मोर्चा झांसी महानगर जिला अध्यक्ष श्रीमती सुमन पुरोहित के नेतृत्व में जेएनयू की 11 छात्राओं द्वारा कांग्रेस सांसद एवं तत्कालीन प्रोफेसर अंगोमचा बिमल अकोइजाम के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों पर विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने भी FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर 

ऐसे गंभीर मामले में सवाल सिर्फ एक व्यक्ति पर लगे आरोपों का नहीं, बल्कि महिला सम्मान, जवाबदेही और राजनीतिक नैतिकता का भी है।
 कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि महिलाओं के अधिकारों की बात केवल राजनीतिक मंचों और नारों तक सीमित है या पार्टी अपने नेताओं से भी समान जवाबदेही की अपेक्षा रखती है?

उत्तर प्रदेश में महिलाओं से जुड़े मामलों में यदि कहीं पुलिस प्रशासन द्वारा अभद्रता, दुर्व्यवहार या अपमान की शिकायत सामने आती है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिला किसी भी राजनीतिक दल की हो—उसकी गरिमा से समझौता नहीं होना चाहिए।
राजनीति में सिद्धांत एक ही होना चाहिए—महिला सम्मान पर न भाजपा का पक्ष देखा जाए, न कांग्रेस का; दोषी जो भी हो, कानून के सामने जवाबदेह होना चाहिए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से नीलम सकरैया, रजनी गुप्ता कविता शर्मा प्रतिमा कुलकर्णी दुर्गेश नंदिनी नामदेव ममता चौरसिया श्वेता नामदेव कुसुम कुशवाहा नूपुर पाठक शिवांगी मुदगिल पूजा चौधरी निधि वर्मा प्राची नामदेव वंदना चौधरी रोशनी साहू श्वेता पाराशर खुशबू नामदेव आदि उपस्थित रहे अंत में नीलम सकरैया जिला महामंत्री ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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