ब्राह्मण समाज का संवाद एवं विप्र शिरोमणि सम्मान समारोह संपन्न
झाँसी : ब्राह्मण समाज, झाँसी के तत्वावधान में ग्वालियर रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर सिद्ध पीठ में संवाद, सामाजिक समन्वय एवं विप्र शिरोमणि सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महानगर धर्माचार्य आचार्य पं हरिओम पाठक, बुंदेलखंड ब्राह्मण विद्बत परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आचार्य पं बृजकिशोर हरभजन भार्गव, कथा वाचक आचार्य पं मनोज चतुर्वेदी, धर्मगुरुओं के संरक्षण एवं अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। आयोजन का प्रमुख उद्देश्य समाज के सक्रिय सदस्यों एवं पदाधिकारियों को एक मंच पर लाकर विचारों का आदान-प्रदान करना, संगठन को सशक्त बनाना और समाजहित में सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में भगवान परशुराम का पूजन कर सामाजिक एकता, पारस्परिक सहयोग और दायित्वबोध के साथ कार्य करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके सदस्यों की सक्रियता, आपसी विश्वास और साझा उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्धता से निर्धारित होती है। समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है कि सभी सदस्य व्यक्तिगत प्रयासों के साथ सामूहिक हितों को भी प्राथमिकता दें।
समारोह के अंतर्गत समाज के प्रति समर्पण और उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को ‘विप्र शिरोमणि सम्मान’ प्रदान कर उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इस पहल का उद्देश्य समाजसेवा में लगे लोगों का उत्साहवर्धन करना और अन्य लोगों को भी सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।
महानगर धर्माचार्य एवं मुख्य संरक्षक आचार्य पं. हरिओम पाठक ने अपने संबोधन में शिक्षा, संस्कार, एकता और सेवा-भाव को समाज की उन्नति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक दायित्वों का निर्वहन केवल विचारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के रूप में दिखाई देना चाहिए।
समाज के मुख्य संयोजक डॉ. जितेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि धर्म का वास्तविक संदेश मानवता की सेवा और परस्पर सहयोग में निहित है। समाज की सामूहिक शक्ति का उपयोग ऐसे कार्यों में होना चाहिए, जिनसे जरूरतमंदों को सहायता मिले और व्यापक जनहित को बढ़ावा मिले। उन्होंने सक्रिय सदस्यों एवं पदाधिकारियों से संगठनात्मक गतिविधियों में निरंतर सहभागिता निभाने तथा समाजहित के कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सामाजिक समन्वय को व्यापक स्वरूप देने के साथ-साथ जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को भी सामाजिक दायित्व का हिस्सा बनाने पर बल दिया गया। आयोजकों की भावी कार्ययोजना में इन क्षेत्रों से जुड़े प्रयासों को प्रोत्साहित करने तथा समाज के अधिकाधिक लोगों को जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।
समारोह ने यह संदेश दिया कि समाज की प्रगति केवल आयोजनों से नहीं, बल्कि एकजुटता, सेवा और निरंतर सामूहिक प्रयासों से सुनिश्चित होती है। संवाद के माध्यम से विचारों को साझा करना, जिम्मेदारियों का समन्वय करना और सामाजिक सरोकारों को व्यवहार में उतारना ही इस आयोजन की मूल भावना रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश मिश्रा,सी ए दुष्यंत चतुर्वेदी, पं गोकुल दुबे, पं आशुतोष द्विवेदी,पं मार्तण्ड स्वामी, आचार्य राजीव पाठक,पं रामगोविन्द तिवारी, पं पंकज भार्गव, पं अमित चिरवरिया, पं नरेंद्र पस्तोर, पं नीरज स्वामी, आर एन उपाध्याय, रामनारायण शर्मा, महेश चंद्र गौतम,एम पी द्विवेदी, डा दिलीप शर्मा,गोकुल दुबे ,एम पी द्विवेदी, पंकज शुक्ला, विनीता मिश्रा,शशी शर्मा, विनीता उपाध्याय,अंजु शर्मा, साध्वी नीलम तिवारी, शिवांगी मुदगिल,पियुष रावत, नरेंद्र पस्तोर, श्याम नारायण तिवारी, नमिता उपाध्याय,मनु भारती शर्मा, अभिषेक भार्गव, अर्चना त्रिपाठी,अजय तिवारी,आर के सहारिया, श्याम सुंदर अवस्थी, मोतीलाल दुबे, संजीव नायक,एच एन शर्मा,कम्मू तिवारी, सोनू सुमित उपाध्याय,सपना शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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