किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर दस वर्ष का कठोर कारावास ,65 हजार रुपए अर्थदण्ड
झांसी । चार वर्ष पूर्व किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म का आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी के न्यायालय ने एक अभियुक्त को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।65 हजार रुपए अर्थदण्ड भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि वादिया मुकदमा ने 03 जून 2021 को थाना नवाबाद में तहरीर दी थी कि उसकी छोटी बहन /पीड़िता उम्र 17 वर्ष ,20 मई 2021 को सुबह कोचिंग के लिए घर से निकली थी,काफी समय बाद भी जब वह नहीं लौटी तो उसकी खोज खबर उसकी सहेलियों तथा नाते रिश्तेदारों में की, परन्तु कोई जानकारी नहीं मिली। 24 मई 2021 को उसकी बहन अपने आप घर वापस आ गयी, कई बार उससे उसके जाने का कारण पूछा, परन्तु वह बहुत डरी हुई थी तथा कुछ नहीं बता रही थी, बहुत समझाने पर उसने बताया कि मुझे सचिन दशारिया पुत्र प्रेम कुमार दशारिया उर्फ बब्लू दशारिया, निवासी-तालपुरा अपने साथ बहला फुसलाकर ले गया था और बाद में मुझे घर के बाहर छोड़कर चला गया। वादिया की तहरीर के आधार पर सचिन दशारिया के विरूद्ध धारा-363, 366 भा.दं.सं. के तहत थाना नवाबाद में मुकदमा पंजीकृत किया गया। विवेचनोपरान्त साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त सचिन दशारिया के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अपराधी सचिन दशारिया को धारा-363 भा.दं.सं. के अपराध के लिए 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रुपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड न अदा करने पर 02 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा-366 भा.दं.सं. के अपराध के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदण्ड , अर्थदण्ड न अदा करने पर 04 माह के अतिरिक्त कारावास, धारा-3/4 पॉक्सो एक्ट के अपराध के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये) अर्थदण्ड , अर्थदण्ड न अदा करने पर
02 साल के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।

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