“भूले-बिसरे खेलों में घुली गायन–नृत्य की बहार: बुन्देलखण्ड की युवा प्रतिभाओं से सजा युवा महोत्सव–2026 का चौथा दिन”

झांसी। संस्था “प्रयास: सभी के लिए” के तत्वावधान में आयोजित पंचदिवसीय युवा महोत्सव–2026 का चतुर्थ दिवस आयोजन संस्थापक अध्यक्ष  मनमोहन गेड़ा के मार्गदर्शन में तथा अध्यक्ष रामबाबू शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
सुर, ताल और लय की मधुर त्रिवेणी में सराबोर वातावरण में सम्पन्न हुआ। भूले-बिसरे खेलों से आरम्भ हुआ यह महोत्सव जब गायन और नृत्य की प्रतियोगिताओं तक पहुँचा, तो यह स्पष्ट हो गया कि यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास—शरीर, मन और कला—का सशक्त मंच बन चुका है।
आई.एम.ए. भवन में आयोजित इस दिवस ने बुन्देलखण्ड की नवोदित प्रतिभाओं को अपनी कला को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया।
गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का शुभारम्भ संस्था के संस्थापक अध्यक्ष और संस्था पदाधिकारियों के साथ अतिथि डॉ. एम. एल. आर्य, डॉ. प्रमोद गुप्ता (अध्यक्ष, आई.एम.ए.), सुश्री नीति शास्त्री ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। 
अतिथियों और निर्णायक मंडल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि भूले-बिसरे खेलों के साथ संगीत और नृत्य का यह सुंदर संयोजन युवा महोत्सव को विशिष्ट पहचान देता है। खेल शरीर को सुदृढ़ बनाते हैं और कला आत्मा को संस्कारित करती है; जब युवा दोनों से जुड़ता है, तभी संतुलित, संवेदनशील और सृजनशील समाज का निर्माण होता है। बुन्देलखण्ड की लोकसंस्कृति, लोकगीत और लोकनृत्य हमारी पहचान हैं—ऐसे मंच उन्हें नई पीढ़ी तक सुरक्षित रूप से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
संस्थापक अध्यक्ष मनमोहन गेड़ा ने कहा कि प्रयास: सभी के लिए का यह महोत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है। भूले-बिसरे खेलों से लेकर गायन–नृत्य तक की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि संस्था युवाओं की प्रतिभा को पहचान देकर उसे दिशा देना चाहती है। गायन और नृत्य प्रतियोगिताएँ बुन्देलखण्ड की युवा प्रतिभाओं को आत्मविश्वास देती हैं और उन्हें अपनी कला को बड़े मंच तक पहुँचाने का अवसर प्रदान करती हैं—यही स्वस्थ, संस्कारित और सृजनशील समाज की नींव है।
अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, कलाकारों एवं उपस्थित जनसमूह का आत्मीय स्वागत एवं अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि प्रयास: सभी के लिए केवल कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्था नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति, कला और स्वास्थ्य को एक सूत्र में पिरोने वाली विचारधारा है। भूले-बिसरे खेलों के साथ गायन–नृत्य के माध्यम से युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ना और उनकी उड़ान को नया आकाश देना ही इस महोत्सव का उद्देश्य है।
गायन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में राजेश शर्मा ‘पमपम’, मंजूसा सिंह एवं आर.एस. चटर्जी रहे। गायन में 30 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें प्रमुख रूप से प्रांजल अवस्थी, गौरव तिवारी, अंशिका रिचार्य, आयुषी, शिवम, एकता, अंशिका निगम, पूजा गुप्ता, शिखा कुशवाहा, अंजली गौतम, जयकुमार वर्मा, सूर्यांश पटेल, अंशिका श्रीवास्तव सहित अन्य प्रतिभागी शामिल रहे।
नृत्य प्रतियोगिता के निर्णायक दीपा यादव, रीना सिंह एवं अभिषेक कुशवाहा रहे। नृत्य में 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें चाहत सिंह, अमित राजपूत, विकास कुमार, अफसाना, संस्कार विश्वकर्मा, रोहित, अभिषेक सिंह, नम्रता चौहान, जान्हवी खरे, शोपीन खान, कनिष्क नामदेव, सेजल राय, सुषमा झा, डाली अहिरवार, भूमि अहिरवार, प्राप्ति, तनुष्का, अग्रिमा श्रीवास्तव सहित अनेक प्रतिभाएं शामिल रहीं। मंच पर बुन्देलखण्ड का प्रसिद्ध राई नृत्य, राम–सिया पर आधारित प्रस्तुतियाँ तथा बॉलीवुड गीतों पर मनमोहक परफॉर्मेंस देखने को मिलीं।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा 14 जनवरी को दीनदयाल सभागार में आयोजित भव्य सांस्कृतिक समापन संध्या में की जाएगी, जहाँ चारों दिवस के विजेताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्य कार्यक्रम संयोजक महेन्द्र दीवान, कार्यक्रम का समन्वय पवन नैयर द्वारा तथा संयोजन नवीन श्रीवास्तव एवं राकेश मेहरोत्रा द्वारा किया गया। संचालन रामकुमार लोहिया एवं सुनील खरे ने प्रभावशाली रूप से सम्पन्न कराया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से निवर्तमान अध्यक्ष बैदेही शरण सरावगी, दिनेश वर्मा, रितु पुरवार, अशोक अग्रवाल (पीएनबी), सुभाष पुरवार, मुन्नालाल मिश्रा, राजेश गुप्ता, बी.पी. नायक, राजेन्द्र पटवारी, महेश चन्द्र मिश्रा, एडवोकेट बिजय खरे, अनीता खरे, मनोज त्रिवेदी, सतीश साहनी, अरुण खरे, अविनाश दीक्षित, विनय व्यास, मनोज अरोरा, कर्नल संजय जैन, संतराम पेंटर, अनुपम व्यास, सुनील लोहिया सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
अंत में के. डी. गुप्ता ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, आयोजकों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि 14 जनवरी को दीनदयाल सभागार में सायं 4:00 बजे से भव्य सांस्कृतिक संध्या, विजेता घोषणा एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा। नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाने की अपील की गई।

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