“कचरे से सृजन तक” – नीलम सारंगी को राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान
नई दिल्ली, 14 फरवरी:
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “बेक़ार को आकार” की संस्थापक नीलम सारंगी को भारत के सबसे बड़े महिला जलवायु मंच “अनपॉल्यूट – द सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव” में राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह पुरस्कार उन्हें स्मृति जुबिन ईरानी पूर्व
केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास के हाथों प्रदान किया गया। यह भव्य आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
नीलम सारंगी ने “कचरे को संसाधन” में बदलने की अनूठी सोच के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सामाजिक नवाचार का रूप दिया है। उनकी संस्था घरेलू व औद्योगिक अपशिष्ट से सजावटी, उपयोगी एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद तैयार कर रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है, बल्कि ग्रामीण एवं वंचित महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर उद्यमी बनने का अवसर भी मिला है।
नीलम सारंगी का कार्य केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति का रूप ले चुका है—जहाँ “वेस्ट टू वेल्थ” की अवधारणा के माध्यम से कचरे के ढेरों को सुंदर सार्वजनिक स्थलों और आकर्षक उत्पादों में बदला जा रहा है।
कार्यक्रम में देशभर से नीति-निर्माता, सामाजिक कार्यकर्ता और महिला उद्यमी उपस्थित रहे। सम्मान ग्रहण करते हुए नीलम सारंगी ने कहा कि “सतत विकास तभी संभव है जब हर नागरिक कचरे को समस्या नहीं, संसाधन के रूप में देखे।”
यह सम्मान उनके समर्पण, नवाचार और समाज के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण प्रमाण है।


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