जनसेवा और सामाजिक समर्पणता के लिये डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित हुये बलवान सिंह यादव
झांसी। सन 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम की अमर शहीद वीरांगना झलकारी बाई की जन्म स्थली ग्राम भोजला में जन्में और पले- बढ़े पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य व सफल व्यवसायी बलवान सिह यादव ने जनसेवा ओर सामाजिक समर्पणता के बल पर एक बार फिर भोजला का नाम गौरवान्वित किया है।
एक कृषक परिवार में जन्म लेकर कुछ कर गुजरने की ललक ने बचपन में पोलियो से ग्रस्त होने के बाद भी बलवान ने कभी खुद को कमजोर नही समझा। उन्होनें अपने हौंसलों को एक नई उड़ान दी । पिता स्व . कालीचरण दादा की प्रेरणा और अपने भाईयों के स्नेह और सहयोग से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया और युवावस्था में ही गांव के प्रधान बनकर जनसेवा की शुरुआत की।
ग्रामीण विकास और ग्रामीण जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिये खुद को समर्पित कर दिया। ग्रामीण पेयजल जैसी अहम समस्या के निदान हेतु वसुंधरा एन जी ओ के माध्यम से लोगों के घर तक पानी पहुंचाने का कार्य किया। भोजला को आदर्श ग्राम बनाने वाले बलवान सिंह यादव को प्रधान के रुप में सफलता और सम्मान दोनों की प्राप्ति हुई। इसके बाद अगले पड़ाव को पार किया और भोजला से जिला पंचायत सदस्य चुने गये।
अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हुये समाज के कमजोर वर्ग और दिव्यांग जनों के कल्याण के लिये कभी कोई कसर नही छोड़ी। दो दशक तक निरन्तर नि: शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण एवं ऑपरेशन तथा दिव्यांग जनों को उपयोगी सहायक उपकरणो के वितरण सहित सदैव जन जागरुकता के कार्यों में खुद को आगे रखा। उनके इन्हीं कुशल कार्यों को देखते हुये देश की प्रतिष्ठित व शोध , नवाचार एवं सामाजिक प्रभाव के लिये पहचाने जाने वाली साक्रेटस सोशल रिसर्च युनिवर्सिटी नई दिल्ली द्वारा उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से अलंकृत किया है। उन्हें यह सम्मान रविवार को विश्व युवक केंद्र तीन मूर्ति चौक के पास चाणक्य पुरी, नई दिल्ली में आयोजित भव्य इंटरनेशनल कर्मश्री अवार्ड 2026 समारोह में प्रदान किया गया।

No Previous Comments found.