किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
झांसी। किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी, उसका जमानत प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी के न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि वादी मुकदमा ने 13 जनवरी 2026 को थाना गुरसरांय में रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि करीब दो माह पहले उसकी लड़की उम्र करीब 14 वर्ष जो मकान के पास जानवरों वाले मकान में गाय को पानी पिलाने गई थी , तभी हमारे परिवार का जानकी पुत्र गनपत कोरी उसके पीछे से आया और सुबह मकान के अन्दर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसको धमकी दी कि किसी से कुछ कहा तो जान से मार देंगे। उसकी लड़की ने अभी तक कुछ नहीं बताया जब उसकी तबियत खराब हुई तो लड़की ने अपनी भाभी को सब कुछ बता दिया। वादी की तहरीर पर थाना गुरसरांय में धारा-65(1),333,351(3) भा.न्या.सं.,धारा-3/4(2) पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
उक्त मामले में आरोपी अभियुक्त जानकी पुत्र गनपत द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के दौरान
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) ने जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त का अपराध गम्भीर प्रकृति का है। न्यायालय ने पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए अभियुक्त जानकी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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