सांसद अनुराग शर्मा की बड़ी पहल, ऊर्जा एवं कृषि मंत्रियों को पत्र लिखकर नीतिगत बदलाव की मांग की
झांसी: झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद अनुराग शर्मा ने बुंदेलखंड के किसानों की समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को महत्वपूर्ण पत्र लिखे हैं। इन पत्रों के माध्यम से सांसद ने क्षेत्र के अन्नदाताओं के आर्थिक उत्थान, फसल सुरक्षा और सिंचाई की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार से विशेष रियायतों और नीतिगत सुधारों का पुरजोर आग्रह किया है।
सांसद अनुराग शर्मा ने ऊर्जा मंत्री को लिखे पत्र में बुंदेलखंड की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और जल संकट का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान में रबी की फसल की कटाई का कार्य प्रगति पर है। इसके तुरंत बाद क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर मूंग, उड़द और अरहर जैसी दलहनी फसलों की बुवाई की तैयारी करते हैं। चूंकि यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से वर्षा की अनिश्चितता से प्रभावित रहता है, इसलिए किसानों को मार्च से जून की सीमित अवधि के दौरान सिंचाई के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन (Temporary Electricity Connection) की नितांत आवश्यकता होती है। सांसद ने मांग की है कि विद्युत वितरण निगमों को निर्देशित कर इस प्रक्रिया को अत्यंत सरल बनाया जाए और न्यूनतम शुल्क पर अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्होंने अतिरिक्त ट्रांसफार्मर क्षमता और पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु प्रशासनिक निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया है ताकि दलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि हो सके और किसानों की आय बढ़ सके।
इसी क्रम में किसानों की दूसरी बड़ी समस्या यानी आवारा व जंगली पशुओं से फसल सुरक्षा के विषय पर सांसद ने कृषि मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित "सोलर फेंसिंग सुरक्षा योजना" की सराहना करते हुए इसमें व्यावहारिक सुधार की आवश्यकता जताई है। सांसद जी का कहना है कि वर्तमान नीति के अनुसार इस योजना का लाभ लेने के लिए लगभग 10 हेक्टेयर का क्लस्टर या समूह बनाकर आवेदन करना अनिवार्य है, जिसकी वजह से झांसी और ललितपुर जैसे जनपदों के लघु एवं सीमांत किसान, जिनकी भूमि धारिता छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित है, इस लाभकारी योजना से वंचित रह जाते हैं।
सांसद अनुराग शर्मा ने कृषि मंत्री से विशेष रूप से आग्रह किया है कि बुंदेलखंड के किसानों की विषम परिस्थितियों को देखते हुए इस योजना की शर्तों में शिथिलता दी जाए। उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि क्लस्टर की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए व्यक्तिगत रूप से खेती करने वाले उन किसानों को भी योजना का लाभ दिया जाए जिनके पास 2 एकड़ या उससे अधिक भूमि है। सांसद का मानना है कि यदि व्यक्तिगत किसानों को भी सोलर फेंसिंग स्थापित करने हेतु अनुदान और सहयोग प्राप्त होगा, तो वे अपनी फसलों को प्रभावी ढंग से सुरक्षित कर पाएंगे। इससे न केवल जंगली जानवरों द्वारा होने वाली फसल क्षति में कमी आएगी, बल्कि किसानों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
सांसद अनुराग शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रदेश सरकार के इन दोनों महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों से बुंदेलखंड के हजारों किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की रक्षा करना और उनके मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इसके लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
रिपोर्ट अंकित साहू

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