प्रेम संबंधों के विरोध में दलित युवक की हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त

झांसी। प्रेम संबंधों के विरोध में पार्टी के बहाने ले जाकर दलित युवक की हत्या के आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) नेत्रपाल सिंह के न्यायालय में निरस्त कर दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करोलिया के अनुसार वादिया अंजना पत्नी जीवन रजक के भाई प्रमोद सरसैया के मोहल्ले की  लड़की से प्रेम संबंध थे। दीपा के परिजनों ने इस संबंध में वादिया के घर शिकायत कर भाई के न समझने पर इसका बुरा अंजाम होने की धमकी दी थी। बताया कि वादिया का भाई अब उस लड़की से बातचीत नहीं करता था. इसकी वादिया को जानकारी थी। 26 नंबवर 2025 को लगभग 11 बजे राहुल रैकवार व उनके अन्य साथी टकलू, धीरज सरसैया, शिब्बू रैकवार के साथ आकर वादिया के भाई को पार्टी करने के बहाने से बुला कर ले गये और शाम तक उसका भाई जब वापस नहीं आया,उसने फोन मिलाया तो फोन स्विच ऑफ आ रहा था। शक होने पर वादिया तथा उसके परिवारीजनों ने तलाश की। रात्रि समय करीब 10.15 बजे जीआरपी में तैनात का. रंजीत सिंह के फोन से वादिया के फोन पर एक लड़की ने अपना नाम दीपा बताते हुए कहा कि तुम्हारा भाई प्रमोद सिमरधा बन्दा पर मृत पड़ा है। वादिया ने पूर्ण विश्वास जताते हुए बताया कि उसके भाई की हत्या दीपा के भाई राहुल व उसे साथियों ने षडयंत्र के तहत बुला ले जाकर कर दी है। तहरीर के आधार पर धारा-103 (1), 238 क बीएनएस व धारा 3(2) 5 एससीएसटी एक्ट के तहत थाना-सीपरी बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया।
उक्त मामले में अभियुक्त कैलाश उर्फ टकलू रायकवार पुत्र सुरेश रायकवार, निवासी रेलवे ऑफीसर्स कॉलोनी थाना नवाबाद द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.