सफल संतुलित छात्र जीवन के सूत्र: स्वामी अभेदानंद
झांसी। चिन्मय मिशन झांसी के तत्वावधान में बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में आयोजित विशेष व्याख्यान (बी.आई.ई.टी. टॉक) में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्वामी अभेदानंद जी ने व्यक्तित्व विकास के चार प्रमुख आयामों—शारीरिक, भावनात्मक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक—पर सारगर्भित मार्गदर्शन प्रदान किया।
स्वामी जी ने बताया कि जीवन में संतुलित एवं सफल प्रगति के लिए इन चारों क्षेत्रों का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। शारीरिक स्तर पर शरीर को निरोगी, सुदृढ़ एवं अनुशासित रखना चाहिए। भावनात्मक स्तर पर व्यक्ति को दूसरों की खुशी में अपनी खुशी अनुभव करने का भाव विकसित करना चाहिए। बौद्धिक स्तर पर अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर कौशल का विकास करना आवश्यक है। वहीं आध्यात्मिक स्तर पर ईश्वर को समर्पित होकर कर्म करना एवं प्रार्थना करना जीवन में शांति और स्थिरता प्रदान करता है। इन सभी क्षेत्रों में सुधार ही वास्तविक आत्मविकास का आधार है।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ जे. के. शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में डॉ. यशपाल सिंह यादव, डॉ. बेनीवाल, ब्रह्मचारी राघवेन्द्र चैतन्य, विनय गुप्ता, सुधीर कुमार अरोड़ा, निकिता अरोड़ा सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अंत में चिन्मय मिशन झांसी के सचिव ईo मुकेश गुप्ता द्वारा सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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