नौकरी लगवाने के नाम पर षडयंत्र रचकर लाखों रुपए हड़पने के आरोपी को नहीं मिली जेल से रिहाई जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त

झांसी। नौकरी लगवाने के नाम पर षडयंत्र रचकर लाखों रुपए हड़पने,जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी।दो अलग-अलग मामलों में उसके जमानत प्रार्थना पत्र विशेष न्यायाधीश अनु. जाति और अनु. जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम आदित्य चतुर्वेदी के न्यायालय ने निरस्त कर दिए।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र राजपूत के अनुसार वादी मुकदमा सत्यम पाल ने थाना नवाबाद में नौकरी लगवाने के नाम पर कूटरचित रचित दस्तावेज तैयार कर पैसे हड़पने एवं जान से मारने की धमकी दिए जाने के संबंध में 18 नवंबर 2023 को थाना नवाबाद में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। उसने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। उस की जान पहचान व मित्रता साहिल शिवहरे से थी। साहिल ने बताया कि उसका एक मित्र भानु शाक्या की लखनऊ सचिवालय में अच्छी पकड़ है व सरकारी नौकरी लगवाता है, मैं भी अपनी नौकरी लगवा रहा हूँ अगर तुम्हें नौकरी लगवानी हो तो मैं तुम्हें मिलवा दूंगा। साहिल ने उसे भानु शाक्या , हितेश शाक्या, रवीन्द शाक्या, राजकुमार, विनीत, शशिकांत व अन्य लोगों से बातचीत करायी। उनकी बात पर विश्वास कर उसने 1. 25 लाख ऑनलाइन तथा 2.75 लाख साहिल व छिंगेलाल शिवहरे को नगद दिये। रुपये देने के उपरान्त कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी आईकार्ड , ज्वाइनिंग लेटर ,अप्वाइंटमेंट लेटर, असि०मेन गार्ड-III (सरकारी पोस्ट) की ट्रेनिंग के नाम पर दिल्ली, हरियाणा, इत्यादि ले गये जहां पर हम श अपने स्वयं के खर्चे पर 2-3 माह रहे उसके बाद 2 माह का समय देकर सभी ने कहा कि अभी संविदा की ट्रेनिंग समाप्त हुई है। कुछ दिनों बाद परमानेन्ट का जाब कार्ड आने वाला है। मेरी लखनऊ सचिवालय बात हो गयी है। लेकिन कई महीनों बाद भी नियुक्ति पत्र न मिलने पर बार बार कहे जाने पर जान से मारने की धमकी दी गयी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र राजपूत ने बताया कि एक अन्य मामले में वादी मुकदमा राजू अहिरवार ने थाना सीपरी बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि प्रेम गंज निवासी भानु शाक्या ने बताया था कि लखनऊ सचिवालय में उसकी अच्छी पकड़ है संविदा पर कई विभागो में नौकरी लगवाते हैं जिसके एवज में प्रत्येक व्यक्ति से 5-6 लाख रूपये लेकर 6 माह की ट्रेनिंग कराकर परमानेंट नौकरी लग जाती है। उसकी बात पर विश्वास कर विभिन्न तिथियों में एक लाख रूपया ऑनलाइन तथा घर पर 09 लाख रूपये नगद दिए। रूपये देने के उपरान्त विपक्षीगण ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी आईकार्ड ज्वाइनिंग लेटर, ट्रासफर लेटर असि. मेनगार्ड तृतीय दे दिया तथा ट्रेनिंग के नाम पर दिल्ली हरियाणा उरई आगरा इत्यादि ले गए जहां पर वादी ने अपने स्वयं के खर्चे पर 2-3 माह रहे उसके बाद आठ माह का समय देकर कहा कि अभी संविदा की ट्रेनिंग समाप्त हुयी है। कुछ दिनो बाद परमानेंट का जब कार्ड आने वाला है। मेरी लखनऊ सचिवालय बात हो गयी है 6 माह की ट्रेनिंग आप लोगो की आगरा एफ. सी.आई विभाग में होगी। नियुक्ति पत्र न मिलने पर बार बार कहे जाने पर जान से मारने की धमकी दी गयी। पीड़ित की तहरीर पर धारा-420, 467, 468, 471, 506,120 बी भा. द.सं. के तहत थाना सीपरी बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस संबंध में प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम लखनऊ  से प्राप्त आख्या में बताया गया कि पीड़ित राजू अहिरवार, स्वीटी वाजपेई, स्पर्श वाजपेई व सार्थक अवस्थी को उनके कार्यालय द्वारा किसी भी प्रकार का नियुक्ति पत्र एवं आई कार्ड जारी नहीं किया गया है। यानि कि उक्त आई. डी कार्ड व नियुक्ति पत्र प्रथमदृष्टया फर्जी प्रतीत होते है। न्यायालय ने माना कि केस डायरी में उपलब्ध बयान स्पर्श वाजपेई और सार्थक अवस्थी के अनुसार इन लोगो ने भी नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे देना बताया है। वादी मुकदमा द्वारा भी अपनी प्रथम सूचना रिपोर्ट में सभी विपक्षीगण के साथ अभियुक्त भानु शाक्या को भी उपस्थित होना बताया जिससे प्रथमदृष्टया यह प्रतीत होता है कि इन सभी अभियुक्तगण का एक गिरोह है जो कि पीडितो के नौकरी लगवाने के नाम पर जालसाजी कर रूपये हड़प लेते हैं। सहअभियुक्त हितेश शाक्या उर्फ सनी का जमानत प्रार्थनापत्र न्यायालय द्वारा 17 फरवरी को निरस्त किया जा चुका है।अभियुक्त द्वारा कारित अपराध गम्भीर प्रकृति का मानते हुए न्यायालय ने अभियुक्त भानु शाक्या के दोनों जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिए।

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