झांसी के बालक श्रेष्ठ भार्गव बने “बाल वेदज्ञ”, वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में दर्ज हुआ नाम

झांसी। शहर के गणेश रेजीडेंसी, सीपरी बाजार निवासी इंजी. वेद भार्गव के सुपुत्र एवं जय अकादमी स्कूल के छात्र मास्टर श्रेष्ठ भार्गव ने अपनी अद्भुत संस्कृत प्रतिभा से एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कम आयु में सैकड़ों संस्कृत मंत्रों, श्लोकों तथा वैदिक वचनों को कंठस्थ कर विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर निरंतर वाचन करने की उनकी विलक्षण क्षमता को देखते हुए “वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया” ने उनका नाम अपने विश्व कीर्तिमान में दर्ज किया है।

श्रेष्ठ भार्गव की असाधारण स्मरण शक्ति और संस्कृत के प्रति गहरी रुचि ने उन्हें अल्प आयु में ही विशिष्ट पहचान दिलाई है। वे कई प्रतिष्ठित मंचों पर स्वस्तिवाचन  सहित अनेक संस्कृत मंत्रों और श्लोकों का बिना रुके प्रभावशाली पाठ कर चुके हैं, जिसे उपस्थित विद्वानों, धर्माचार्यों और श्रोताओं ने अत्यंत सराहा है। उनकी इसी अद्भुत प्रतिभा और वैदिक संस्कृत परंपरा के प्रति समर्पण को सम्मानित करते हुए “वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया” द्वारा उन्हें विशेष रूप से “बाल वेदज्ञ” की उपाधि नगर विधायक रवि शर्मा जी के मुख्य आतिथ्य में प्रदान की गई है। यह सम्मान न केवल उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि झांसी शहर के लिए भी गर्व का विषय है।श्रेष्ठ भार्गव का पारिवारिक वातावरण भी वैदिक और संस्कृत परंपरा से समृद्ध रहा है। उनके दादाजी आचार्य ब्रजकिशोर हरभजन भार्गव, निवासी नई बस्ती, झांसी, बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य हैं तथा बुंदेलखंड ब्राह्मण विद्वत परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष भी हैं। परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कृत और वैदिक ज्ञान की समृद्ध परंपरा रही है। उनके परदादा स्व. हरभजन भार्गव भी संस्कृत के प्रकांड विद्वान के रूप में विख्यात रहे हैं। इसी विद्वत परंपरा और संस्कारों के कारण कहा जा सकता है कि श्रेष्ठ भार्गव की रगों में वेद-पुराणों के संस्कार प्रवाहित हो रहे हैं। संस्कृत और वैदिक परंपरा के संरक्षण की दिशा में श्रेष्ठ भार्गव की यह उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। परिवारजनों, शिक्षकों, संस्कृत विद्वानों एवं शहरवासियों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इसी क्रम में राजकीय संग्रहालय, झांसी में जिला धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी, महानगर धर्माचार्य आचार्य पं हरिओम पाठक , आचार्य बसंत विष्णु गौलवलकर, आचार्य हरिपत सहाय कौशिक, मार्तण्ड स्वामी,जनप्रतिनिधियों एवं दिनेश भार्गव,आशुतोष द्विवेदी, पंकज भार्गव, अभिषेक भार्गव, रामजी भार्गव,अनिल खड्डर, अवधेश पांडेय, योगेश मिश्रा, उमेश द्विवेदी, निर्मल तिवारी,निधि भार्गव, राजेश शर्मा, ओमप्रकाश उपाध्याय, कोमल द्विवेदी, शोभित श्रीवास्तव,बी डी छाबड़ा, वीरेंद्र व्यास,गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें श्रेष्ठ भार्गव को “बाल वेदज्ञ” की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्व. आचार्य पं. हरभजन भार्गव जी की पावन स्मृति में विद्वान विप्रजनों को “ज्योतिष रत्न भूषण सम्मान” से भी अलंकृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला जनकल्याण महासमिति झांसी के केंद्रीय अध्यक्ष डा जितेन्द्र कुमार तिवारी ने तथा आभार व्यक्त वेद भार्गव द्वारा किया गया।

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