राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पीड़ित और जरूरतमंदों को सुलभ व सस्ता न्याय दिलाना

झांसी: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कमलेश कच्छल के मार्गदर्शन में आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इसी क्रम में आज प्रतीक त्रिपाठी, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी ने जनपद के समस्त तहसीलदारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्व से संबंधित लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर आम जनता को राहत पहुँचाना रहा। सचिव प्रतीक त्रिपाठी ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व, भूमि अर्जन और अन्य छोटे-मोटे विवादों को चिन्हित करें ताकि उन्हें लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से निपटाया जा सके।  उन्होंने जोर देकर कहा कि चिन्हित वादों में पक्षकारों को समय रहते नोटिस तामील कराए जाएं, ताकि लोक अदालत के दिन अधिक से अधिक पक्षकार उपस्थित होकर लाभ उठा सकें।  तहसील स्तर पर लंबित मामलों के निस्तारण में तकनीक का उपयोग कर प्रक्रिया को सरल बनाने की बात कही गई।
उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ताकि लोगों को पता चले कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की कोई अपील नहीं होती और समय व धन दोनों की बचत होती है। सचिव प्रतीक त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल आंकड़ों को बढ़ाना नहीं, बल्कि पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को सुलभ व सस्ता न्याय दिलाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने और 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जनपद के विभिन्न तहसीलों के अधिकारी  डिजिटल माध्यम से उपस्थित रहे।
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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