कोतवाली पुलिस ने फर्जी फर्म तैयार कर 4.5 करोड़ का प्रॉफिट लेने वाले गिरोह के एक आरोपी को किया गिरफ्तार
झांसी: अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह व पुलिस महानिरीक्षक झाँसी आकाश कुलहरि के मार्गदर्शन व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी बीबीजीटीएस मूर्ति के कुशल निर्देशन में जनपद झाँसी में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध झाँसी पुलिस द्वारा की जा रही प्रभावी कार्यवाही के क्रम में आज थाना कोतवाली पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 395/2025 धारा 318(2) बीएनएस से संबंधित एक शातिर आरोपी नीरज रंजन गुप्ता पुत्र राधेश्याम गुप्ता उम्र करीब 33 वर्ष निवासी-94/2 लिबासपुर गली नं0 14 थाना समयपुर बदली जिला आउटर नॉर्थ दिल्ली को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष के 18 दिसबर 2025 को वादी देवेन्द्र पटेल वरिष्ठ सहायक वि० अनु०शा० राज्यकर झांसी द्वारा थाना कोतवाली पर लिखित तहरीर के माध्यम से अवगत कराया गया था फर्म काजल इन्टरप्राइजेज जो कि एक अस्तित्वहीन फर्म है के द्वारा बिना कोई व्यापार किए जीएसटी पोर्टल पर दाखिल रिटों में बोगस रुप से आईटीसी पासऑन करते हुए राजस्व क्षति की गयी है। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 395/2025 धारा 318 (2) पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान मुकदमा उपरोक्त में धारा 319(2)/336(3)/338/340(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई थी। अभियोग के दौरान विवेचना में आज दिनांक 08.04.2026 को थाना कोतवाली पुलिस द्वारा 1 अभियुक्त- नीरज रंजन उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा पूछताछ में बताया गया कि उसके व उसके साथी रितेश जैन पुत्र अशोक कुमार जैन, अशोक कुमार जैन पुत्र स्व अभय राम जैन नि0 म0न0 47 स्टेट बैंक कॉलोनी, थाना- मॉडल टाउन, दिल्ली के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर फर्जी अस्तित्वहीन फर्म जी. एस. इण्टरनेशनल बनायी गयी। जिसके आधार पर वास्तविक व्यापार न होते हुए भी अभियुक्त नीरज रंजन उपरोक्त द्वारा लगभग 24 करोड़ रूपये का काल्पनिक लेने देन सुनील तनेजा एसोसिएट फर्म स्वामी रितेश जैन उपरोक्त के साथ दर्शाया गया है। इस क्रम में अभियुक्त नीरज रंजन गुप्ता को इस अस्तित्वहीन फर्म के माध्यम से 4.5 करोड़ का लाभ अर्जित किया गया है। अभियुक्त नीरज रंजन उपरोक्त के द्वारा अपने पार्टनर रितेश जैन की फर्म के साथ व्यापार करने के फजी इवाइस बिल भी तैयार किए। इसके माध्यम से उन्होनें बड़ी मात्रा में Input Tax Credit (ITC) का अवैध लाभ प्राप्त किया। अभियुक्त द्वारा वास्तविक व्यापार दर्शाने हेतु परिवहन संबंधी वैधता दर्शाने के फर्जी एवं भ्रामक बिल तैयार किए। इसके अलावा अभियुक्त नीरज रंजन गुप्ता के लेपटाप व मोबाइल फोन के माध्यम से रितेश जैन व अशोक जैन के साथ व्हाटसएप के माध्यम से हुई वार्ता से स्पष्ट है कि अभियुक्त द्वारा षडयंत्र कर फर्जी इनवॉइस बिल के आधार पर आईटीसी का लगभग 4.5 करोड़ का लाभ प्राप्त किया गया।
इस दौरान गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में नि0 अमित तोमर,उ0नि0 अनुराग सिंह थाना कोतवाली जनपद झांसी शामिल रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू


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