गहोई समाज के राजनीतिक सशक्तिकरण पर मंथन, महाकुंभ की तैयारियां तेज
झांसी। अखिल भारतीय गहोई वैश्य महासभा के 113वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में झांसी में 17 जनवरी 2027 को प्रस्तावित “गहोई दिवस महाकुंभ” की तैयारियों के संदर्भ में ओरछा स्थित रिवर स्टोन रिसॉर्ट में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चिंतन बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्याम बिहारी गुप्ता (मानद राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन) तथा आदरणीय रामगोपाल छिरौलिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष), पूर्व सांसद विजय खैरा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती गीता नगरिया, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष सुनीता गंधी इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
बैठक की अध्यक्षता आदरणीय लखन लाल नौगरैया द्वारा की गई तथा संचालन लकी नौगरैया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा गहोई वैश्य समाज) ने किया।
इस अवसर पर झांसी से बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष उमेश गुप्ता, नरेश गुप्ता राजू रक्सा, राकेश रावत, रामगोपाल बिजपुरिया, राजीव इटौदिया, प्रदीप गुप्ता मऊरानीपुर, सुभाष खर्द, मध्य मालवा अध्यक्ष सुनीता छिरौल्या, श्रीमती अर्चना गुप्ता, बुंदेलखंड क्षेत्रीय मंत्री रजनी सेठ सहित अनेक वरिष्ठ समाजसेवी उपस्थित रहे।
बैठक में समाज के राजनीतिक सशक्तिकरण, एकता एवं आगामी चुनावों में प्रभावी भागीदारी पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर बुंदेलखंड क्षेत्रीय गहोई वैश्य महिला सभा की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती रजनी गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गहोई समाज व्यापार, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद राजनीतिक रूप से अपेक्षित प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं कर पाया है, जिसका प्रमुख कारण समाज में एकजुटता का अभाव है। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए “एक विधानसभा – एक सर्वसम्मत उम्मीदवार” का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि समाज को दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर अपने प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना होगा। साथ ही उन्होंने समाज से आर्थिक, सामाजिक एवं नैतिक रूप से एकजुट होकर अपने उम्मीदवार के समर्थन का आह्वान किया और महिला शक्ति की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि समाज में परिवर्तन के लिए मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में आगामी “गहोई दिवस महाकुंभ” को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु सभी ने मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।


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