पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित

झांसी। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने प्रान्तीय आवाहन पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया। जिसकी अध्यक्षता जिला संयोजक राकेश गुबरेले ने की। तथा संयोजक प्यासी लाल तथा सह-संयोजक राजकुमार निगम के मुख्य आतिथ्य एवं जिला सह संयोजक रोहित साहू ,राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव एवं जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह के विशिष्ट आतिथ्य में ज्ञापन देने के पूर्व शिक्षक, राज्य कर्मचारी , शिक्षक एवं कर्मचारी पीडब्ल्यूडी के प्रान्तीय खण्ड में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यालय में एकत्र होकर नापेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया।
सभा को सम्बोधित करते हुए सह-संयोजक राजकुमार निगम्, जिला संयोजक राकेश गुबरेले, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशुतोष तिवारी, रामबाबू विश्वकर्मा, सुनील पाण्डे आदि ने अपने संयुक्त संबोधन में कहा कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए तथा शिक्षक पात्रता टीईटी लागू होने के पूर्व के नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति/प्रोन्नति की समाप्त व बाधित करता है, को तुरन्त बहाल की जाए एवं मृतक आश्रितों की नियुक्ति पूर्व की भांति शैक्षिक योग्यता के आधार पर किसी भी वर्ग/समूह में की जाए, इस सम्बन्ध में कार्मिक अनु-2 की अधिसूचना दिनांक 29.09-2025 द्वारा नियमावली 2025 (14वीं संशोधन) तत्काल वापस लिया जाए।
 
अबरार अहमद, राहुल श्रीवास्तव, मानु प्रताप सिंह, मनोहर लाल, रघुवरदयाल, वीर सिंह यादव आदि ने अपने संयुक्त संबोधन में कहा कि प्रदेश में वर्षों से संविदा/मानदेय / संहत वेतन तथा आउटसोर्सिंग आदि के रूप में शिक्षा अनुदेशकों, शिक्षा मित्रों, ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकि सहायक, लेखाकार, मनरेगा कर्मियों आदि का समोयोजन किया जाए। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की मुख्य सेविकाओं, लिपिकों तथा परिवहन विभाग के चालकों आदि का तत्काल नियमितीकरण किया जाए एवं नियमित होने तक न्यूनतम वेतन 26000 रूपये का भुगतान किया जाए।
महेश अग्रवाल, प्रकाश नारायण, वी०पी० सिंह, मगवान दीन वर्मा, अभिनव शर्मा, दीपक त्रिपाठी, रूद्धशरण श्रीवास्तव, दिनेश चन्द्र विश्नोई आदि ने अपने संयुक्त संबोधन में कहा कि राज्य में निजीकरण संविदा एवं आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त किया जाए व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती पर प्रतिबन्ध समाप्त किया जाए एवं कोविडकाल के दौरान रोके गये 18 माह का डी०ए० एरियर का भुगतान किया जाए।
देवेन्द्र सिंह, मोहम्मद रफीक, महेश कुमार माहौर, सुरेश चन्द्र अग्रवाल, रूपसिंह, निर्दोष पुरोहित सचिन देव शर्मा आदि ने अपने संयुक्त संबोधन में कहा कि माध्यमिक शिक्षकों की भांति बेसिक शिक्षकों को भी सतप्रतिशत प्रोन्नति का लाभ प्रदान करते हुए सेवाकाल में तीन प्रोन्नतियों प्रदान की जाए, राजकीय विभाग के कर्मियों का वर्षों से लम्बित "कैडर रिव्यू अविलम्ब पूर्ण कराया जाए तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के फार्मासिस्ट संवर्ग के "कैजर रिव्यू" की भी कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए, कर्मचारियों, शिक्षकों के वेतनमानों तथा ए०सी०पी० की वेतन विसंगतियों को भी दूर किया जाए।
इस अवसर पर विनोद अहिरवार, पारस श्रीवास्तव, मोहम्मद खालिद, राजेन्द्र वर्मा, केशय कुमार, नवीन डे, ओमप्रकाश शर्मा, सोनू विश्वकर्मा, आत्मप्रकाश बतुर्वेदी, निसार खान, जी०पी० झा, टी०आर० पुष्कर, प्रेमचन्द, रूद्धशरण श्रीवास्तव, मुन्नालाल सेन, ब्रजकिशोर पाठक, आर०बी० श्रीवास्तव, रिषभ जैन आदि उपस्थित रहे। सभा का संचालन राजकुमार निगम ने किया, आभार महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव एवं राकेश दुवे ने संयुक्त रूप से व्यक्त किया।

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