शादी का झांसा देकर बनाए शारीरिक संबंध फिर शादी से इंकार कर दी जान से मारने की धमकी , नहीं मिली जेल से रिहाई,जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
झांसी । शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद शादी से इंकार कर जान से मारने की धमकी के आरोपी को जेल से रिहाई नहीं मिल सकी,उसका जमानत प्रार्थना पत्र जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल के न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुल कांत श्रीवास्तव के अनुसार वादी मुकदमा ने 26 मार्च 2026 को थाना नवाबाद में तहरीर देते हुए बताया था कि उसकी पुत्री उम्र 19 वर्ष कालेज में बीए की पढ़ाई करने जाती थी, जहाँ उसकी मुलाकात राजा पुत्र फूल सिंह अहिरवार से हुई। 13 मार्च को उसकी पुत्री को शादी करने का झांसा देकर राजा अपने साथ भगा ले गया, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना नवाबाद में दर्ज कराई थी। खोजबीन कर उसने पुत्री को ढूंढ लिया, लेकिन राजा नहीं मिला। राजा अपने मोबाईल से उसकी पुत्री के मोबाईल पर काल करके बार बार धमकी देता था, जिससे पुत्री डर की वजह से राजा के साथ चली गई थी । पुत्री ने बताया कि राजा ने अलग- अलग जगह ले जाकर उसके साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक सम्बन्ध बनाये, जब उसकी पुत्री ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो राजा उसे छोड़कर भाग गया। राजा उसे व उसकी पुत्री को जान से मारने की धमकी देता था और कहता था कि तुम्हारे पूरे परिवार को मार देगे। तहरीर के आधार पर अभियुक्त राजा के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। उक्त मामले में जेल में बंद आरोपी राजा अहिरवार पुत्र फूल सिंह अहिरवार की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई उपरांत पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

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