सी ए छात्र संघ झांसी द्वारा पृथ्वी दिवस पर जागरूकता एवं सृजनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन
पृथ्वी दिवस के अवसर पर, द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की छात्र इकाई सी का सा झांसी द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
दिनांक 23 अप्रैल 2026 को “प्रकृति की बैलेंस शीट: एसेट्स बनाम लाइबिलिटीज” विषय पर एक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने घर से उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी सृजनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से प्रकृति के घटते संसाधनों (एसेट्स) तथा बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं (लाइबिलिटीज) को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रतिज्ञा अभियान भी चलाया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। सभी ने पेपर बैग के उपयोग एवं उसके प्रचार-प्रसार का वचन दिया तथा “रिड्यूस, रीयूज़ एवं रीसायकल” के सिद्धांत को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रेरित किया गया कि वे जब भी खरीदारी के लिए जाएं, तो अपने साथ एक बैग अवश्य लेकर जाएं, जिससे प्लास्टिक के उपयोग को कम किया जा सके।
इसी क्रम में, आईसीएआई भवन परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वयं पौधे लाकर रोपण किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी सक्रिय भागीदारी एवं प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस कार्यक्रम में छात्रों पालोमी, पलक, आर्यन, तनिष्का सेन, तनिष्का साहू, महेनूर, आशिका, आशी, तनुष, उत्कर्ष, अरबाज़, नितेश सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस अवसर पर सी का सा चेयरपर्सन सीए श्वेता अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा:
“पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि यह हमारी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। सी का सा झांसी सदैव ऐसे प्रयास करता रहेगा जो विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। छोटे-छोटे प्रयास, जैसे पेपर बैग का उपयोग एवं वृक्षारोपण, भविष्य में बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।”
???? “प्रकृति का संतुलन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है — आज के छोटे कदम, कल का हरित भविष्य सुनिश्चित करते हैं।”


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