महापौर ने बुलाई बैठक, अतिक्रमण हटाने के लिए बनेगी रणनीति, मनमाने रवैये पर लगेगा अंकुश
झांसी। आज नगर निगम द्वारा कल चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कई गरीबों के मकान की तोड़फोड़ को लेकर महापौर बिहारी लाल आर्य ने गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यवाही में मानवीय दृष्टिकोण को अपनाना भी बेहद जरूरी है। इस संबंध में महापौर बिहारी लाल आर्य की अध्यक्षता में अतिक्रमण से सम्बन्धित बैठक आहूत की गयी। बैठक में अतिक्रमण से सम्बन्धित नगर निगम के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर द्वारा अतिक्रमण से सम्बन्धित 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गयी। इस कमेटी में राहुल यादव, अपर नगर आयुक्त, सम्बन्धित जोनल अधिकारी, मुख्य अभियन्ता, सम्बन्धित सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, अवर अभियन्ता एवं पार्षद आशीष तिवारी (उप सभापति), नरेन्द्र नामदेव, दिनेश प्रताप सिंह (बन्टी राजा), श्रीमति सुशीला दुबे, सुनील नैनवानी एवं क्षेत्रीय पार्षद को नामित किया गया। आई जी आर एस से प्राप्त शिकायतों को छोडकर कमेटी अपनी रिपोर्ट महापौर को सौपेगी। महापौर जी के निर्देशन पर रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। किसी नागरिक के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं किया जायेगा। महानगर में जहां पर भी अतिक्रमण है, वहां पहले अतिक्रमण विभाग द्वारा माइक के माध्यम से 3 दिन तक एनाउन्समेन्ट करवाया जायेगा।इसके बाद जनभावनाओं एवं मानवीय दृष्टिकोण को अपनाते हुये अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में श्रीमति आंकाक्षा राणा, नगर आयुक्त, राहुल यादव, अपर नगर आयुक्त, श्रीमति रौली गुप्ता, अपर नगर आयुक्त, सी पी पाण्डेय, सहायक नगर आयुक्त, श्रीमति तान्या सिंह, सहायक नगर आयुक्त, राजवीर सिंह, मुख्य अभियन्ता, श्रीमति नीना सिंह, अधिशाषी अभियन्ता, एस के सिंह, कर्नल एवं मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक प्रदीप अग्निहोत्री, संजय चन्द्रा, अभिलाष रायकवार, मनोज श्रीवास्तव, अनूप साहू, श्रीमति स्नेहलता, ओमवीर सिंह उपस्थित रहे।
बैठक के बाद महापौर बिहारी लाल आर्य ने बताया कि अतिक्रमण महानगर की एक बड़ी समस्या है, लेकिन इस समस्या से निपटने के लिए मानवीय दृष्टिकोण का आधार भी बेहद जरूरी है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी के मानकों के हिसाब से सड़क के डिवाइडर से दोनों ओर 55, 55 फीट की सड़क होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झांसी को विकसित तथा सुंदर बनाने की जिम्मेदारी सभी की है, लेकिन किसी भी गरीब वर्ग पर अन्याय भी नहीं होना चाहिए। इन्हीं बिंदुओं को मद्देनजर रखते हुए कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी अतिक्रमण को लेकर अपनी रिपोर्ट देगी, जिस पर सम्यक विचार करने के बाद कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा।

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