जान लेवा हमले में दोषी पिता को 7 वर्ष का सश्रम कारावास, पुत्र को भी सुनाई सजा, लगाया अर्थदण्ड

झांसी । जान लेवा हमले का आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश, गरौठा शिव कुमार तिवारी ने जहां दोषी पिता को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, वहीं पुत्र को भी एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेन्द्र राजपूत के अनुसार 31 अक्टूबर 2019 को करीब 07:00 बजे सुबह वादी मुकदमा अपने मकान के दरवाजे पर झाडू लगा रहा था, कि उसी समय उसके ही गांव निमगहना का निवासी ओमप्रकाश पुत्र गोरेलाल भाला लिए व केश कुमार पुत्र ओमप्रकाश लाठी लिए आए और उसे गालियां देने लगे, तो उसने गालियां देने से रोका तो दोनों विपक्षियों में से ओमप्रकाश ने जान से मारने की नीयत से भाला मारा, जो उसकी कनपटी में घुस गया, जिससे वह लहुलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और केश कुमार ने लाठियों से मारा पीटा तथा उसकी पत्नी आई तो दोनों लोगों
ने उसे भी मारा-पीटा। गांव के तमाम लोगों ने बचाया तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।धारा-307, 323, 504, 506 भा०दं०सं० के तहत थाना-गरौठा में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां दोषसिद्ध अभियुक्त ओमप्रकाश को धारा 307 भा०दं०सं० के अपराध के लिए 7 वर्ष के सश्रम कारावास व दो हजार रूपये अर्थ दण्ड , जुर्माना अदा न करने पर  3 माह के अतिरिक्त कारावास , अभियुक्त केश कुमार को धारा 323 भा०दं०सं० के अपराध के लिए 6 माह के सश्रम कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया। दोषसिद्ध अभियुक्तगण ओमप्रकाश एवं केश कुमार प्रत्येक को धारा 504 भा०दं०सं० के अपराध के लिए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं दोषसिद्ध अभियुक्त ओमप्रकाश को धारा 4/25 आयुध अधिनियम के अपराध के लिए दो वर्ष के कठोर कारावास व एक हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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