• पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन: मोक्ष कल्याणक की क्रियाओं के साथ निकली विशाल रथयात्रा
झाँसी : "राजकीय अतिथि" भारत देश के सर्वमान्य दिगम्बराचार्य, पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागरजी महामुनिराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में महानगर के मेडिकल कॉलेज गेट नं 3 से आगे स्थित भगवान महावीर महातीर्थ में चल रहे श्रीमज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में आज मोक्ष कल्याणक के साथ अत्यंत भक्तिभाव, उत्साह और हर्षोल्लास के मध्य समापन हो गया। इस पावन अवसर पर प्रभु के निर्वाण प्राप्ति की क्रियाएं संपन्न की गईं और नगर में एक विशाल रथयात्रा (फेरी परिक्रमा) निकाली गई, जिसमें हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहें।
• मोक्ष कल्याणक की पावन क्रियाएं एवं निर्वाण लाडू
आज प्रातः काल महोत्सव स्थल पर आचार्य श्री विशुद्धसागरजी महामुनिराज के मंगल सानिध्य और प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया जी के निर्देशन में मोक्ष कल्याणक की विधि-विधान पूर्वक शुरुआत हुई। मंत्रोच्चार के बीच भगवान को मोक्ष (निर्वाण) की प्राप्ति हुई, जिससे संपूर्ण पंडाल जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर विश्व शांति की कामना के साथ श्रद्धालुओं ने अष्टद्रव्य से भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की और श्रद्धापूर्वक 'निर्वाण लाडू' चढ़ाया।
• भव्य एवं विशाल रथयात्रा (फेरी परिक्रमा)
मोक्ष कल्याणक की मांगलिक क्रियाओं के पश्चात नगर में एक विशाल और ऐतिहासिक रथयात्रा निकाली गई।
• रथों की भव्यता: सजे-धजे स्वर्ण और रजत रथों में भगवान को विराजमान किया गया था। सौधर्म इंद्र और अन्य इंद्र-इंद्राणियों ने रथों पर सवार होकर चंवर डुलाते हुए प्रभु की भक्ति की।
• आकर्षण का केंद्र: रथयात्रा में सबसे आगे धर्म ध्वजा लिए गजरोही चल रहे थे। उसके पश्चात ऐरावत हाथी, विभिन्न बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े और जैन धर्म के सिद्धांतों को दर्शाती हुई मनमोहक झांकियां शामिल थीं।
• श्रद्धालुओं का उत्साह: हज़ारों की संख्या में जैन धर्मावलंबी ' नमोस्तु शासन जयवन्त हो ' और 'भगवान महावीर स्वामी की जय' के उद्घोष करते हुए चल रहे थे। महिलाएं केसरिया और पीत (पीले) वस्त्रों में सिर पर धर्मध्वजाएं लिए हुए चल रही थीं, वहीं युवा वर्ग और बच्चे भक्ति संगीत की धुनों पर नृत्य करते हुए प्रभु की भक्ति में लीन नजर आए।
रथयात्रा के पुनः आयोजन स्थल (पांडाल) पर पहुंचने के पश्चात् एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया।
जिसमें शताब्दी देशनाकार आचार्यश्री विशुद्धसागरजी महामुनिराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि यह भगवान महावीर त्रिवेणी महातीर्थ आने वाले समय में बुन्देलखण्ड का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल होगा। हजारों लोग यहां पर प्रतिदिन अपना कल्याण करने हेतु दर्शनार्थ आयेंगे।
इस अवसर पर तीर्थंकर के माता - पिता श्रीमती प्रभा - पदमचंद जैन मिठया, सौधर्म इन्द्र अंजली - डॉ राजीव जैन, धनपति कुबेर इन्द्र शिल्पी - राजीव जैन वर्धमान, मूर्ति पुण्यार्जक बीना - देवेन्द्र जैन काला, ध्वजारोहणकर्ता सरोज - शैलेन्द्र जैन, राजेन्द्र जैन, रितु - विकास जैन, केतन जैन, महायज्ञनायक रिद्धि - यश सिंघई, यज्ञनायक शर्मिला - पदमचंद जैन रानीपुर, विधिनायक प्रतिमा पुण्यार्जक मेघा - प्रदीप जैन, महरौनी, ईशान इन्द्र डॉ निकिता - डॉ संदीप जैन, माहेन्द्र इन्द्र सोनिया - अभिजीत जैन रतनसेल्स, राजा श्रेयांश जूली - जिनेन्द्र जैन, राजा सोम रुचि - डॉ निर्देश जैन, मण्डप उद्घाटनकर्ता अलका - डॉ पी.के. जैन, महामंडलेश्वर रश्मि - गौतम जैन, संध्या - इंजी. अरुण जैन दूरदर्शन, हेमा - डॉ अमित जैन, रश्मि - अनुराग जैन, ब्रह्म इंद्र कमला - विमल कुमार जैन, सौभाग्यवती महिला सीए रूपाली जैन, कल्पना जैन, मनीषा सिंघई, नेहा जैन, डॉ प्रीति जैन, श्वेता जैन, सुनीता शिवाजी, जूली मोदी सहित हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव पूर्वक विश्वशांति महायज्ञ संपन्न किया।
इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का साक्षी बनने के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ पी.के. जैन, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के मुख्य मार्गदर्शक अजित कुमार जैन, मुख्य संरक्षक ललित जैन, मुख्य सलाहकार डॉ जिनेन्द्र जैन, संरक्षक राजीव जैन सिर्स, वीरेन्द्र जैन (पूर्व वनाधिकारी), सुभाष जैन सत्यराज, रमेशचंद जैन अछरौनी, सुरेन्द्र सर्राफ, रविन्द्र सिंघई, जिनेन्द्र सर्राफ, राजेंद्र जैन प्रेस, अशोक जैन लाला, शांतकुमार जैन चैनू, मनोज अछरौनी, प्रदीप जैन चैनू, अनिल जैन बाजा, राजेंद्र जैन अछरौनी, रविन्द्र जैन चिरगांव, सुनील अछरौनी, पुष्पेंद्र जैन रानीपुर, राजीव ड्योढ़ीया, समन्वयक यूथप सर्राफ पिंकी, सनतकुमार जैन गुदरी, ऋषभ जैन स्वास्थ्य विभाग, राजेश जैन दीनदयालनगर, चक्रेश जैन कैलाश रेजिडेंसी, मनीष जैन चंदेरी, राजीव जैन शिवाजी, जितेन्द्र जैन सीपरी, संजीव जैन चिरगांव, पंचायत कोषाध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी, ऑडिटर राजकुमार भण्डारी, बड़ा मन्दिर मंत्री सुनील जैनको, संयोजक आलोक जैन विश्वपरिवार, देवेश जैन केडी, नितिन जैन सदर, सनी जैन चैनू, सचिन सर्राफ, संयोग भण्डारी, अमन जैन विरागप्रिय, दीपांक सिंघई, सजल जैन चैनू, अंचल जैन लवी, आशीष जैन माची, अमित सिंघई, विशाल सिंघई, अलंकार जैन, शरद जैन चाचा, मनोज सिंघई, सौरभ जैन कटरा, दिव्यांश जैन, अंशुल जैन बघेरा, मुकेश जैन वीडियो, देवव्रत जैन बबलू, आशीष जैन नगरा, रवि जैन बिजौली, सुनील जैन गुदरी, विपिन जैन ओम बिजली, मुकेश जैन होजरी, प्रतीक जैन सदर, नीलेश जैन सागर गेट, जिनेन्द्र जैन राजहंस, आनंद जैन वारे, विकास जैन चिरगांव, जितेन्द्र जैन शामियाना, राजेन्द्र मुनीम, प्रबंधक आशीष जैन सोनू, सुरेन्द्र जैन बघेरा, श्रीमती सरोज जैन प्रेस, सुधा सर्राफ, रजनी जैनको, रीता जैन, संगीता जैन मॉम्स बेकरी, स्नेहलता जैन, ममता जैन, रितु जैन, वंदना चौधरी, संजना सर्राफ, सिद्धि जैन, आकृति जैन सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहें।
दीप प्रज्ज्वलन करके अतिथियों का स्वागत सत्कार अध्यक्ष शैलेन्द्र जैन प्रेस, कार्याध्यक्ष कैलाशचंद जैन वर्धमान, मुख्य संयोजक सिंघई संजय जैन, वरुण जैन, केतन जैन, मुख्य समन्वयक खुशाल जैन, स्वागताध्यक्ष रविन्द्र जैन रेल्वे, उपाध्यक्ष अतुल जैन सर, अंकित सर्राफ, वरिष्ठ महामंत्री दिनेश जैन डीके, डॉ राजीव जैन, महामंत्री सौरभ जैन सर्वज्ञ, मुख्य कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र जैन बक्सा, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र जैन एलआईसी, कमलेश जैन रोहित गारमेंट्स, ऑडिटर प्रभात जैन कुंजबिहारी, संयोजक प्रदीप जैन वर्धमान, इंजी संजय जैन महोबा, प्रचार मंत्री एंजि अतिशय जैन ने किया।
कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन महामंत्री सौरभ जैन सर्वज्ञ एवं आभार उपाध्यक्ष अंकित सर्राफ ने व्यक्त किया।
दोपहर के समय स्थानीय सांसद अनुराग शर्मा, गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन समिति के महामंत्री सौरभ जैन सर्वज्ञ ने बताया कि यह पंचकल्याणक महोत्सव समाज के हर वर्ग के सहयोग से अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। समिति ने इस महाआयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए समस्त जनप्रतिनिधिगणों स्थानीय पुलिस प्रशासन, नगर निगम, मीडिया बंधुओं और समस्त नगरवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।


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