किशोरी को डरा-धमका कर दुष्कर्म के मामले में आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त
झांसी । किशोरी को डरा-धमका कर कई महीनों से दुष्कर्म के मामले में आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी के न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि वादी ने थाना सीपरी बाजार में 26 मार्च 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि "वह विकलांग है, दिन में बाला जी मार्ग पर ग्राम बूढ़ा में बनी दुकान पर जाता है उसकी पत्नी व पुत्र मजदूरी करने जाता है। घर पर उसकी नाबालिग पुत्री उम्र-16 वर्ष, अकेली रहती है, जिसका नाजायज फायदा उठाकर अशोक ठाकुर जो बूढ़ा नगर पर चल रही प्लॉटिंग की साईट पर काम करता है उसकी पुत्री को डरा धमका कर चार जून 2025 से लगातार बलात्कार करता चला आ रहा है। 25 मार्च 2026 को उसकी पुत्री अपने हाथ में एक फोन ओप्पो कंपनी का लिए थी ,उसने पूछा तो उसने बताया कि यह फोन अशोक ठाकुर ने दिया है वह डरा धमका कर उसकी मर्जी के खिलाफ 24 अगस्त 2025 को उसने पहली बार शारीरिक होटल रॉयल गार्डन बूढ़ा नगर पर ले जाकर संबंध बनाए। तब से लगातार होटल में व घर पर अकेला पाकर बलात्कार करता चला आ रहा है अंतिम बार 15 मार्च 2026 को घर पर अकेला पाकर बलात्कार किया। अशोक ठाकुर पहले से शादी शुदा है। अशोक कुमार ठाकुर पुत्र जगत सिंह निवासी भारत माता मंदिर के पास थाना सीपरी बाजार के खिलाफ धारा-65 (1) भा.न्या.सं.,व 5एल/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अभियुक्त द्वारा पीड़िता के साथ गंभीर प्रकृति का अपराध कारित किया गया है। न्यायालय ने पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए अभियुक्त अशोक कुमार ठाकुर का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।

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