जिले की 52 गोशालाओं का संचालन एनजीओ को दिए जाने की तैयारी, गोचर की भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के आदेश

झांसी: आज जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक हुई जिसमें भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा साथ ही जनपद में वृहद गो-शालाओं एवं गोवंश को संरक्षित और सुरक्षित किए जाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। 
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण , मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की अध्यक्षता करते हुए कहा कि गौवंश के संरक्षण का दायित्व हम सभी का है, यह योजना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथामिकताओं में है। अतएव गौशालाओं के प्रॉपर संचालन में जो कमियां है उन्हें दूर कर सही तरीके से संचालित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि जिले में 52 गोशालाओं की संचालन हेतु एनजीओ को दिए जाने की तैयारी कर ली गई है। एनजीओ को हरे चारे की उपलब्धता शत प्रतिशत सुनिश्चित करनी होगी। इसके अतिरिक्त गौवंश के रखरखाव और उन्हें प्रॉपर सुविधाएं भी दी जानी होगी। जिलाधिकारी ने बैठक में नई परंपरा का सृजन करते हुए जनपद में एनजीओ द्वारा संचालित गौशालाओं/गो-आश्रय स्थल की समीक्षा करते हुए संचालकों से संवाद किया और उनके अनुभव को सुना, संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने गौशालाओं में भूसे तथा हरे चारे की उपलब्धता एंव मृतक गौवंश के प्रॉपर डिस्पोजल की जानकारी ली। उन्होंने सुझाव दिया कि हरे चारे की उपलब्धता के लिए गोशाला की भूमि पर नेपियर घास का उत्पादन किया जाए। बैठक में उन्होंने एनजीओ संचालकों के साथ गोबर के उचित प्रबंधन पर भी विस्तृत चर्चा की।
जिलाधिकारी ने जनपद में भीषण गर्मी के दृष्टिगत गर्मी प्रबंधन के उपायों पर डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि गौशाला के शेड पर पुआल/झाड़,घास-फूस लगाएं और उस पर पानी का छिड़काव करें ताकि गौवंश को गर्मी से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त उन्होंने टाट के बोरे लगाते हुए उन पर पानी छिड़काव करने का सुझाव देते हुए सभी गोशाला संचालकों को सुझाव दिया कि ऐसा करने से गोवंश को गर्मी से बचाया जा सकता है।जिलाधिकारी गौरंग राठी ने  मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए समस्त पशु चिकित्सा अधिकारियों से अधिक फोकस रखते हुए योजना अंतर्गत लाभार्थियों का सत्यापन करें और तत्काल भुगतान किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में योजना का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाने निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणों को योजना की जानकारी दें ताकि उन्हें योजना का  लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने जनपद में योजनाअंतर्गत लाभार्थियों का सत्यापन कराते हुए जल्द से जल्द भुगतान किए जाने के निर्देश दिए। आयोजित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े समस्त एसडीएम  को जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि तत्काल गोचर की भूमि पर अवैध कब्जा हटाया जाना सुनिश्चित किया जाए।  
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, डीएफओ नीरज कुमार आर्य, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डाॅ0 संजय कुमार सिंह, पीडी/बीडीओ राजेश कुमार, डीपीआरओ डॉ0 बालमुकुंद श्रीवास्तव सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त पशु चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। 
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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