नशे के सौदागर को 08 वर्ष का कठोर कारावास , बीस हजार रूपये अर्थदण्ड

झांसी। सोलह साल पहले अवैध पिस्टल व चरस के साथ पकड़े गए नशे के सौदागर को विशेष न्यायाधीश स्वापक औषधि और मनः प्रभावी अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश (एफ०टी०सी०)
शरद कुमार चौधरी के न्यायालय ने 08 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई एवं बीस हजार रूपये के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया ।
विशेष लोक अभियोजक /नोडल अधिकारी दीपक तिवारी के अनुसार 12 मई 2010 को थाना नवाबाद पुलिस को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि इलाहाबाद बैंक चौराहे के करीब एक व्यक्ति नाजायज असलहा लिये किसी का इंतजार कर रहा है। पुलिस इलाहाबाद बैंक चौराहे के करीब पहुंची, पुलिस की जीप को देखकर सड़क के बांयी तरफ चौराहे के करीब 30 कदम पहले खड़ा एक व्यक्ति बांये तरफ भागा , संदेह होने पर जीप खड़ी करके पुलिस ने पीछा किया तो वह व्यक्ति अपने हाथ में लिये असलहे से यह कहते हुए कि उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उसने पुलिसवालों की तरफ जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। घेराबंदी और आवश्यक बल प्रयोग करते हुए पशुपालन विभाग के कार्यालय के करीब उसे पकड़ लिया। पकड़े गये व्यक्ति ने अपना नाम टिप्पू उर्फ मुकेश शर्मा बताया, जामातलाशी में एक पिस्टल देशी 32 बोर व आधा किलो चरस भी बरामद की गयी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर 
अभियुक्त टिप्पू उर्फ मुकेश को धारा-08 (सी) शपठित धारा-20 (11) (बी) स्वापक औषधि और मनः प्रभावी अधिनियम [एनडीपीएस एक्ट] के आरोप में 08 वर्ष के कठोर कारावास की सजा एवं बीस हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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