अमित शाह से मिला एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल,कृषि व्यापार और किसानों की समस्याओं पर सौंपा ज्ञापन

झांसी: ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलन्त्री के नेतृत्व के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास स्थान पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री को उनके साहसिक और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए बधाई संदेश पत्र सौंपा। साथ ही, देश के १२ लाख कृषि इनपुट डीलरों और करोड़ों किसानों के हितों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चार महत्वपूर्ण मांग पत्र (ज्ञापन) प्रस्तुत किए।
इस प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण भाई पटेल, संगठन मंत्री सुभाष शाह, संगठन मंत्री अरविंद पटेल और सदस्य रमेश पटेल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
 
सौंपे गए ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगों में - सीलबंद उत्पाद कानून में संशोधन (विक्रेता संरक्षण) प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि यदि किसी कंपनी द्वारा सीलबंद पैकेट या बोतल का सरकारी सैंपल फेल होता है, तो दवा विक्रेताओं (फार्मास्युटिकल) के कानून की तर्ज पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। मूल सीलबंद अवस्था में माल बेचने वाले डीलरों को निर्दोष माना जाए।
२.उर्वरक मार्जिन में बढ़ोतरी और 'टैगिंग' पर रोक: वर्ष १९९५ से स्थिर ₹२४ प्रति बैग के डीलर मार्जिन को आज की बढ़ी हुई एमआरपी (MRP) के अनुसार होलसेलर और रिटेलर दोनों के लिए मिलाकर कुल ८% तय किया जाए। इसके अलावा, खाद निर्माता कंपनियों द्वारा यूरिया और डीएपी के साथ गैर-अनुदानित (Non-subsidized) उत्पादों को जबरन बेचने (टैगिंग) की प्रथा पर तुरंत रोक लगाई जाए।
३.कीटनाशकों पर GST की दरें कम करना: किसानों की खेती की लागत को कम करने के लिए कीटनाशकों (Pesticides) पर वर्तमान १८% जीएसटी की दर को घटाकर ५% करने की मांग की गई, जिससे देश के अन्नदाताओं को लगभग ४,५५० करोड़ रुपये की बड़ी राहत मिलेगी।
४.जटिल TDS प्रावधान और डेटा विशिष्टता का विरोध: आयकर अधिनियम २०२५ की धारा ३९३(१) [पुरानी धारा १९४Q] के तहत व्यापारियों पर लादे गए जटिल TDS नियमों को समाप्त करने की मांग की गई। साथ ही, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) द्वारा पेटेंट अवधि समाप्त होने के बाद भी अप्रत्यक्ष रूप से एकाधिकार (Data Exclusivity) बढ़ाने के प्रयासों को रोकने का अनुरोध किया गया ताकि घरेलू एग्रोकेमिकल उद्योग और किसानों के हितों की रक्षा हो सके।
 गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह  ने प्रतिनिधिमंडल की सभी न्यायसंगत मांगों को बेहद सहानुभूतिपूर्वक और गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से इन सभी व्यावहारिक समस्याओं का उचित और सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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