डीएम ने शिकायतों का फीडबैक सही न होने पर समाज कल्याण अधिकारी को लगाई फटकार

झांसी: जिलाधिकारी गौरांग राठी ने आईजीआरएस एवं ऑनलाइन शिकायतें, हेल्पलाइन- 1076 माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में बैठक की।  बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा की मुख्यमंत्री  एवं अन्य उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त संदर्भों के निस्तारण एवं गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा शासन स्तर पर लगातार की जा रही है, जिसमें शिकायतों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के अनुपालन में सभी विभागाध्यक्ष असंतुष्ट शिकायतों व अन्य रिपीटेड/ डिफॉल्टर शिकायतकर्ताओं से स्वयं के द्वारा स्थलीय सत्यापन व टेलिफोनिक संवाद कर संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जन सामान्य की समस्याओं का गुणवत्तापरक निस्तारण करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का बिन्दु है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि असंतोषजनक शिकायतों की विभागीय अधिकारी स्वयं समीक्षा करें और प्राप्त फीडबैक वाली असंतोषजनक शिकायतों का भलीभांति प्रकार से परीक्षण करते हुए गुणवत्तापरक निस्तारण करना सुनिश्चित करें, अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाएगी। 
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए शासन स्तर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा निस्तारित शिकायतों का सर्वाधिक फीडबैक असंतोषजनक प्राप्त होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की, इसके अतिरिक्त उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर समाज कल्याण विभाग में प्राप्त शिकायतों में 73% प्रतिशत शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से संपर्क ही नहीं किया गया, उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क कर वार्ता करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग में भी लगभग 52% प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने पर भी नाराजगी व्यक्त की और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए माह अप्रैल में खाद्य एवं रसद विभाग में सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त होने पर सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में माह अप्रैल में 
जल निगम ग्रामीण में अत्याधिक शिकायतें प्राप्त होने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारी को प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पेयजल समस्या की शिकायतों का मौके पर जाकर निस्तारण किया जाना सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि ऐसे विभाग जिनके पास 50 से कम शिकायतें प्राप्त होती हैं, उनके कार्यालय अध्यक्ष स्वयं शिकायतकर्ता से वार्ता कर शिकायतों का निस्तारण करते हुए अवगत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन शिकायतकर्ता से वार्ता की जाए, जिसकी सूचना प्रतिदिन कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए एवं यह भी निर्देश दिए कि निस्तारण आख्या में शिकायतकर्ता से संपर्क का विवरण भी अंकित किया जाए।   
आई0जी0आर0एस0 पोर्टल पर बार-बार प्राप्त हो रहीं शिकायतों/ असंतोषजनक फीडबैक शिकायतों के संबंध में निर्देश दिये कि इसकी टॉप-5 की सूची तैयार कर ली जाये एवं सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेवारी सुनिश्चित की जाये, ताकि कार्यवाही की जा सके। उन्होंने पंचायती राज विभाग, नगरपालिका परिषद, नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारी एवं जल संसाधन को निर्देश दिए सभी विभाग 100% प्रतिशत शिकायतों पर स्थलीय निरीक्षण करते हुए शिकायतकर्ता से संपर्क करते हुए निस्तारण एवं भ्रमण की जानकारी पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें।
बैठक में ई0डी0एम0 आकाश रंजन द्वारा अवगत कराया गया कि माह अप्रैल में विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षाकृत कम रुचि ली गई, जिस कारण शिकायतों के निस्तारण की स्थिति में गिरावट आई है। उन्होंने समस्त अधिकारियों को रुचि के साथ कार्य करने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम नमामि गंगे योगेन्द्र कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल, अधिशासी अभियंता जन निगम ग्रामीण रणविजय सिंह, जिला दिव्यांग एवं सशक्तिकरण अधिकारी कृष्णपाल सिंह सहित समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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