खनन प्रभावित गांवों में लगेगा स्वास्थ्य कैम्प, बीमारी जांच और दवाओं का होगा वितरण- जिलाधिकारी

झाँसी आज जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में ने भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के समस्त पट्टाधारकों के साथ बैठक करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में अब किसी भी तरह से नियम विरुद्ध खनन एवं परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा सीधे पट्टाधारक पर परिवाद दर्ज करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने समस्त जनपद के पट्टाधारक एवं भण्डारणकर्ताओं से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में खनन क्षेत्र की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। यह क्षेत्र अब केवल खनिज उत्पादन का जरिया नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति, निवेश संवर्धन और स्थानीय रोजगार सृजन का प्रभावशाली केंद्र बन गया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जनपद के समस्त बालू/मौरम, क्रेशर के अनुज्ञापी एवं भंडारणकर्ता से कहा कि उत्तर प्रदेश की खनन नीति अब पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का संगम बन चुकी है। जो इस क्षेत्र की लगातार प्रगति और विभाग की दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री  के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध खनन को सख्ती से रोका जाए और अवैध खनन में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने पट्टा संचालकों को नियमावली की जानकारी देते हुए कहा कि नियम विरुद्ध पट्टा संचालन बर्दाश्त नहीं होगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बालू मोरम भंडारण हेतु उपस्थित 19 अनुज्ञापी को नियमों का पाठ पढ़ाया, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, वेब कैमरे की उपलब्धता सहित अन्य व्यवस्थाएं पूर्ण की जानी है। उन्होंने भंडारण नीयमावली के उल्लंघन पर भी
कार्यवाही किए जाने की जानकारी दी, जिसमें सीजेएम न्यायालय में परिवाद दर्ज करते हुए ₹ 05 लाख का अर्थदंड लगाए जाने का प्रावधान है। जनपद में अवैध खनन की प्रभावी रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने चैक गेट की चेकिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए, यदि बिना नंबर के कोई डम्फर निकलता है तो सीधे पट्टाधारक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हाई सिक्योरिटी नंबर के साथ माइन-टैक भी गाड़ी पर रहना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध परिवहन नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि समस्त पट्टाधारकों को हर माह कितना बेचा गया, उसकी भी जानकारी खनिज विभाग को देना होगी। बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्टरों के साथ समन्वय बनाकर एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पट्टाधारकों को नियम से गाड़ी क्षेत्र से रवाना हो, जिसमें नंबर प्लेट सही हो एमएम 11 हो, माइन-टैक हो, ओवरलोड ना हो। इसे अवश्य सुनिश्चित करते हुए रवाना किया जाए ताकि जांच के दौरान शिकायत ना मिले।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित पट्टाधारकों / अनुज्ञप्तिधारकों को नियमों से अवगत कराते हुए सभी खनन पट्टाधारकों तथा अनुज्ञाधारकों को सघन वृक्षारोपड़ कर उसकी सूचना फोटोग्राफ सहित खनन कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। खनन पट्टाधारकों / स्टोन केशर मालिको/अनुज्ञाधारकों को उ०प्र० उपखनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियमों के तहत सीमास्तम्भ, सी०सी०टी० कैमरा, बे-ब्रिज आदि का शतप्रतिशत अनुपालन करने तथा किसी भी दशा में मानक के विपरीत उपखनिज की लोडिंग न किये जाने एवं बाल श्रमिकों द्वारा खनन क्षेत्र में किसी प्रकार का कार्य न कराये जाने के निर्देश जारी किये गये।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, जिला खान अधिकारी शैलेंद्र सिंह, खनिज इंस्पेक्टर अमित कुमार सहित समस्त पट्टाधारक उपस्थित रहे। 
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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