विश्व की पहली सिंहासन पर विराजमान महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित किए जाने का विरोध करने वाले पार्षदों को निष्कासित कर, पुनः पार्टी से टिकट न दिए जाने की मांग
जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
झांसी।हठधर्मिता के चलते वीरांगना की कर्मस्थली, वीर धरा झांसी महानगरी के महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में विश्व की पहली सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद विरोध करने वाले पार्षदों को तत्काल निष्कासित कर, आगामी चुनाव में पार्टी से टिकट न दिए जाने की मांग को लेकर कर्मयोगी संस्था ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
ज्ञापन में बताया कि संस्था द्वारा विश्व की पहली सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा स्थापित किए जाने हेतु शासन प्रशासन द्वारा निर्धारित समस्त प्रक्रियाओं का पालन करते हुए शासन से अनुमति प्राप्त कर झांसी महानगरी में उसके ही नाम से महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में अपने खर्चे पर सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा स्थापित किए जाने के एक माह से अधिक समय बाद वहां पर सिर्फ सौंदर्यीकरण किया जाना शेष था, इसी दौरान हठधर्मिता पर उतारू क्षेत्रीय पार्षद सहित अन्य कुछ पार्षदों ने मानों शासन - प्रशासन की अनुमति को ही चुनौती देते हुए सौंदर्यीकरण के काम को रूकवा दिया।
बताया कि सांसद , विधायक, दर्जनों पार्षदों की सहमति और शासन -प्रशासन की अनुमति से की गयी प्रतिमा स्थापित किए जाने का विरोध करने वाले पार्षदों ने जयपुर से आई महारानी की प्रतिमा को पार्क के सभी दरवाजे बंद करवा कर अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया और करीब दस घंटे बाद मौके पर पहुंचे महापौर बिहारी लाल आर्य, तत्कालीन अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट ,अपर नगर आयुक्त आदि की मौजूदगी में प्रतिमा को पार्क में प्रवेश कराया जा सका,जहां एक बार फिर क्षेत्रीय पार्षद व दो अन्य पार्षदों ने पूर्व निर्धारित स्थल पर महारानी की प्रतिमा को स्थापित करने का विरोध करते हुए पार्क में ही उक्त स्थल से कुछ दूर स्थापित करने का दबाव बनाया ।महापौर व उपस्थित अधिकारियों के कहे अनुसार संस्था द्वारा निर्माण कार्य शुरू किया गया था और पार्षद द्वारा बदलवाए गये स्थान पर महारानी की सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा स्थापित किए जाने के एक माह बाद उक्त पार्षद ने पुनः विरोध जताते हुए सत्ता की हनक में वीरांगना की महानगरी में उनकी विश्व की पहली सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा को स्थापित स्थल से हटाकर कहीं और स्थापित करने का दबाव बनाते हुए मौके पर सौंदर्यीकरण का काम रूकवा दिया गया है। संस्था द्वारा अपने खर्चे पर स्थापित प्रतिमा तिरपाल में ढंकी हुई वैभवशाली स्वरूप में लोकार्पण किये जाने की बाट जोह रही हैं।
यह भी बताया कि उक्त क्षेत्रीय पार्षद को विगत चुनाव में पार्टी से टिकट न दिए जाने पर उन्होंने पार्टी के निर्णय के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी बतौर चुनाव लड़ते हुए पार्टी के निर्णय की जमकर आलोचना की थी। बाद में शासन सत्ता का सुख और लाभ अर्जित करने के लिए वह फिर भाजपा में शामिल हो गए।सहमति जताने वाले पार्षदों को भी बरगलाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में पार्क में महारानी लक्ष्मीबाई की सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा स्थापना स्थल पर सौंदर्यीकरण कार्य को पूर्ण कराए जाने हेतु आदेशित किये जाने के साथ ही हठधर्मिता पर उतारू, प्रतिमा स्थापित किए जाने का विरोध करने वाले पार्षदों की सूची नगर निगम झांसी से तलब कर उन्हें तत्काल पार्टी से निष्कासित कर भविष्य में भी टिकट न दिए जाने की मांग की गयी है। जिससे पार्टी की छवि को धूमिल करते हुए ऐसा कुत्सित प्रयास करने की कोई पुर्नावृति न कर सके।मुख्यमंत्री के नाम उक्त ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपे जाने के साथ ही प्रधानमंत्री ,उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक , प्रदेश संगठन मंत्री लखनऊ व नगर विकास मंत्री को भी ज्ञापन मेल किए गए हैं।
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