सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जेल गए सपा नेता केशभान सिंह पटेल की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज
झांसी: सुप्रीम कोर्ट से भी अर्जी खारिज होने के बाद आत्मसमर्पण करने पर जेल भेजे गए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद के प्रतिनिधि रहे केशभान सिंह पटेल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। विगत दिवस सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (द०प्र०क्षे०) अनुभव द्विवेदी के न्यायालय में प्रस्तुत द्वितीय जमानत प्रार्थनापत्र भी निरस्त कर दिया गया।
अंदर सैयर गेट निवासी सपा नेता केशभान सिंह पटेल के विरूद्ध धारा-307, 420, 323, 504, 506 भा०दं०सं० के तहत थाना नवाबाद में पंजीकृत मुकदमे में पूर्व में सेशन कोर्ट, उच्च न्यायालय के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया गया था।
विगत दिवस अभियुक्त केशभान पटेल की ओर से द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
जिसमें स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि सहअभियुक्त कपिल तथा हर्ष पटेल द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र में उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा 08 जुलाई 2026 तक पीड़ात्मक कार्यवाही किये जाने का निषेध किया गया है। प्रार्थना पत्र में बताया कि वह वरिष्ठ प्रवक्ता के पद पर घटना के समय नियुक्त था तथा लोक सेवक था। वह बीकेडी कॉलेज में किसी स्तर की भर्ती के लिए अधिकृत नहीं था, बी० के०डी० की प्रबन्ध समिति का अध्यक्ष भी है। प्रबन्ध समिति किसी भी कर्मचारी को नियुक्त करने के लिए अधिकृत नहीं है। फर्जी नियुक्तपत्र स्वयं परिवादी द्वारा तैयार कराया गया है। अभियुक्त 15 जून 2026 से अभिरक्षा में है। अभियुक्त का द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किये जाने की याचना की गई। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए यह तर्क किया गया है कि अभियुक्त के प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र को न्यायालय द्वारा पूर्व में निरस्त किया जा चुका है।
रिपोर्ट अंकित साहू
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