स्नान यात्रा महोत्सव पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी का दिव्य अभिषेक संपन्न
झांसी। भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी की पावन स्नान यात्रा के शुभ अवसर पर झांसी स्थित जगन्नाथ मंदिर में अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति के साथ भव्य स्नान महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
वैदिक परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलदेव एवं सुभद्रा महारानी का १०८ पवित्र कलशों से महाअभिषेक किया जाता है। इस दिव्य उत्सव को स्नान यात्रा के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस विशेष स्नान के पश्चात भगवान अस्वस्थ होने की लीला करते हैं और लगभग पंद्रह दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि को अनवसर (अनसारा) कहा जाता है। इसके उपरांत भगवान पुनः भक्तों को दर्शन देकर विश्वविख्यात रथयात्रा महोत्सव के लिए प्रकट होते हैं।
शास्त्रों के अनुसार स्नान यात्रा भगवान की करुणा, पवित्रता एवं समस्त जीवों पर उनकी समान कृपा का प्रतीक है।
इस दिन भगवान का अभिषेक एवं दर्शन करने से भक्तों के हृदय में भक्ति जागृत होती है तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
महोत्सव के दौरान इस्कॉन झांसी के भक्तों द्वारा उत्साहपूर्वक हरिनाम संकीर्तन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर संजय नौहराही ,व्रजभूमि दास, व्रजजनरंजन दास, दामोदर बंधु दास, प्रिय गोविंद दास, पुरुषोत्तम स्वामी, विनोद अवस्थी, मुकेश अग्रवाल, महेंद्र भंडारी ,सत्येंद्र पुरी गोस्वामी,पवन गुप्ता ,अतुल मिश्रा,प्रभात शर्मा , अभिषेक साहू सभी का आभार संयुक्त रूप से शिवा नौहराही और पीयूष रावत ने व्यक्त किया! अनेक भक्तों ने संकीर्तन एवं सेवा में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भगवान का महाप्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने प्रार्थना की कि भगवान श्री जगन्नाथ सभी के जीवन में सुख, शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करें।
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