बड़े भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास , पैसों के लेन-देन के मामूली विवाद में कुल्हाड़ी से हमला कर उतारा था मौत के घाट, भतीजे पर भी किया था जान लेवा हमला
झांसी। कुल्हाड़ी से हमला कर भाई की हत्या के मामले में दोषी छोटे भाई को अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (आव०वस्तु अधि०) शिव कुमार तिवारी के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई, 10 हजार रुपये अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव के अनुसार बंगरा थाना उल्दन क्षेत्र निवासी वादिनी मुकदमा श्रीमती ऊषा देवी पत्नी सुरेन्द्र घोष ने तहरीर देते हुए बताया था कि 08 नवंबर 2020 को शाम करीब 6 बजे उसके पति घर के बाहर मौजूद थे कि उसके देवर देवेन्द्र सिंह घोष उर्फ डिब्बन उसके पति से भैंसों के पैसों के लेन-देन के सम्बन्ध में विवाद करने लगा। पति ने विवाद करने से मना किया तो देवर देवेन्द्र ने कुल्हाड़ी से उसके पति सुरेन्द्र घोष के सिर में जान से मारने की नीयत से कई वार कर दिए। जिससे उसके पति के सिर में गम्मीर चोटें आयी । घर के बाहर शोर गुल होने पर मैं स्वयं तथा उसका भतीजा प्रिंस घोष बचाने गया तो उसके देवर देवेन्द्र घोष ने उसके भतीजे प्रिंस घोष के सिर में भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। मुहल्ले के लोगों के आने पर देवर देवेन्द्र घोष उर्फ डिब्बन कुल्हाड़ी लेकर मौके से भाग गया। मोहल्ले के लोगों की मदद से पति सुरेन्द्र घोष व देवर प्रिंस घोष को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बंगरा में भर्ती कराया गया था। पति की गम्भीर हालत होने के कारण झाँसी रिफर किया गया जहाँ पर उपचार के दौरान उसके पति की मृत्यु हो गई। उसके भतीजे प्रिंस का इलाज चल रहा है। देवेन्द्र सिंह घोष उर्फ डिब्बन पुत्र विक्रम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोपपत्र धारा-302, 307 भा०दं०सं० के तहत न्यायालय में पेश किया गया। प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर दोषसिद्ध अभियुक्त देवेन्द्र सिंह घोष उर्फ डिब्बन को भारतीय दण्ड संहिता की धारा-302 के अन्तर्गत आजीवन कारावास की सजा तथा 10,000 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न किये जाने पर दोषसिद्ध अभियुक्त को 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी।
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