हथकरघा क्षेत्र प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा- सीडीओ
झांसी: आज विकास भवन सभागार, झांसी में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड की अध्यक्षता में संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत पुरस्कार हेतु प्राप्त सैंपलों का प्रदर्शन एवं चयन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा परिक्षेत्र झांसी से प्राप्त 40 उत्कृष्ट हथकरघा उत्पादों के सैंपलों का अवलोकन एवं मूल्यांकन किया गया। उन्होंने मूल्यांकन के उपरांत बुनकर दयाराम की जरी सिल्क साड़ी को प्रथम पुरस्कार, राम सेवक की ऊनी लोई को द्वितीय पुरस्कार तथा रानीपुर के सुभाष पचौरिया की बेडशीट को तृतीय पुरस्कार हेतु चयनित किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने चयनित बुनकरों को बधाई देते हुए कहा कि हथकरघा क्षेत्र प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उत्कृष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन प्रदान करने से बुनकरों का उत्साहवर्धन होगा तथा स्थानीय शिल्प को नई पहचान मिलेगी। बैठक में अवगत कराया गया कि चयनित उत्पादों को राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन प्रक्रिया हेतु अग्रसारित किया जाएगा।
बैठक में सहायक आयुक्त हथकरघा तुषार नाथ बाजपेयी, सहायक आयुक्त उद्योग अतुल पांडे, बुनकर सेवा केंद्र मेरठ के मान सिंह, बुनकर प्रतिनिधि राकेश एवं राजेंद्र सहित हथकरघा विभाग के सुरेश शर्मा, तारिक,आदित्य, मुनींद्र, उदय चौबे तथा विजय कुमार उपस्थित रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू
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