पांच वर्षों बाद परिवार से मिला गुलशन, अस्पताल की प्रथम वर्षगांठ बना मानवता का अविस्मरणीय उदाहरण

झांसी : एक वर्ष पूर्व एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल ने बुन्देलखंड क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ, किफायती एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ अपनी सेवाओं का शुभारम्भ किया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटित यह अस्पताल आज अपनी स्थापना का प्रथम वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण करते हुए केवल एक स्वास्थ्य संस्थान नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए आशा, विश्वास और मानवता का प्रतीक बन चुका है। केवल एक वर्ष के भीतर 200 शैय्याओं वाला यह मल्टी-स्पेशियलिटी टर्शियरी केयर अस्पताल आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं मरीज-केंद्रित सेवाओं के कारण बुन्देलखंड के सबसे विश्वसनीय स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। अस्पताल ने आधुनिक डायग्नोस्टिक्स, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेवाएँ, आईसीयू, विशेषज्ञ परामर्श, जटिल सर्जरी तथा जीवनरक्षक उपचारों के माध्यम से हजारों मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की हैं। हर नागरिक के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ अस्पताल की प्राथमिकताओं में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक किफायती दरों पर पहुँचाना प्रमुख रहा है।
इसी उद्देश्य से एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल में सभी प्रमुख पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी जांचें सीजीएचएस (CGHS) की निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को आधुनिक जांच सुविधाएँ अत्यंत कम लागत पर मिल रही हैं। कुछ प्रमुख जांचों में ब्लड शुगर टेस्ट – ₹24, हीमोग्लोबिन टेस्ट – ₹18, सीटी स्कैन – ₹880 से प्रारम्भ एवं सैकड़ों अन्य पैथोलॉजी एवं रेडियोलॉजी जांचें CGHS दरों पर उपलब्ध होगी।
इस पहल से झांसी सहित पूरे बुन्देलखंड क्षेत्र के हजारों मरीजों को आर्थिक बोझ के बिना विश्वस्तरीय जांच सुविधाओं का लाभ मिला है।अस्पताल का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा केवल बीमारियों का उपचार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आशा, सम्मान और विश्वास लौटाने का माध्यम है।
सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल समय-समय पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करता है, जिनमें निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परीक्षण तथा दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
इसी क्रम में प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर 8 जुलाई 2026 को मानव जन कल्याण संस्था, नगरा, झांसी के सहयोग से एक निःशुल्क व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।
मानव जन कल्याण संस्था वरिष्ठ नागरिकों, मानसिक रूप से दिव्यांग, निराश्रित एवं समाज के अन्य वंचित वर्गों के पुनर्वास एवं कल्याण हेतु समर्पित संस्था है। संस्था मध्य प्रदेश के दतिया में मूक-बधिर व्यक्तियों के लिए पुनर्वास केन्द्र भी संचालित करती है तथा वर्तमान में अधिक सुविधाओं से युक्त एक बड़े पुनर्वास केन्द्र की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है। ऐसे समय में जब बहुत कम संस्थाएँ निस्वार्थ भाव से मानव सेवा में कार्य कर रही हैं, मानव जन कल्याण संस्था सैकड़ों बेसहारा एवं उपेक्षित लोगों के लिए आशा की किरण बनी हुई है। शिविर के दौरान लगभग 20 लाभार्थियों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक जांचें की गईं।
 संस्था के मानवीय कार्यों से प्रभावित होकर एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल ने शिविर में शामिल सभी लाभार्थियों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य उपचार का दायित्व अपने ऊपर लेने की घोषणा की। इसके अंतर्गत दवाइयाँ, आवश्यक जांचें, विशेषज्ञ परामर्श एवं दीर्घकालीन फॉलो-अप उपचार भी शामिल रहेगा। एक शब्द जिसने बदल दी पूरी ज़िंदगी
कभी-कभी बड़े चमत्कार बहुत छोटे संकेतों से शुरू होते हैं। स्वास्थ्य शिविर के बाद चिकित्सकों एवं काउंसलर्स ने प्रत्येक लाभार्थी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की।
इसी दौरान एक मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति ने अपने अतीत की कुछ धुंधली यादें साझा कीं। उसे केवल दो बातें याद थीं कि उसका घर किसी फैक्ट्री के पास था और एक शब्द— "तेलीपुरा"। अधिकांश लोगों के लिए यह एक सामान्य शब्द था। लेकिन एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल की टीम के लिए यही एक नई उम्मीद बन गया। कई शहरों में चला खोज अभियान। अस्पताल के एग्जीक्यूटिव आकाश यादव ने उस व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाने का संकल्प लिया।अस्पताल की काउंसलिंग टीम के साथ उन्होंने विभिन्न शहरों में स्थित "तेलीपुरा" नामक क्षेत्रों में कार्यरत सामाजिक संस्थाओं, स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवकों, काउंसलर्स एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क किया। कई दिनों तक प्रत्येक सुराग की जांच की गई।
हर संभावना को परखा गया। हर फोन कॉल एक नई उम्मीद लेकर आया। अंततः खोज आगरा के तेलीपुरा तक पहुँची। स्थानीय लोगों, काउंसलर्स एवं प्रशासन के सहयोग से उस व्यक्ति के परिवार का पता लगा लिया गया।
उसकी पहचान गुलशन के रूप में हुई, जो लगभग पाँच वर्षों से लापता था। गुलशन के लापता होने से पूरा परिवार टूट चुका था।
बताया जाता है कि बेटे के गम में उसके पिता का भी निधन हो गया। समय के साथ अधिकांश रिश्तेदारों ने उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन उसकी माँ ने कभी विश्वास नहीं खोया।
पाँच वर्षों तक उन्होंने यही भरोसा बनाए रखा कि उनका बेटा एक दिन अवश्य लौटेगा और वह विश्वास सच साबित हुआ। एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा जब गुलशन की माँ, भाई और अन्य परिजन लगभग पाँच वर्षों बाद उससे मिले। इस भावुक मिलन ने चिकित्सकों, काउंसलर्स, अस्पताल कर्मियों और उपस्थित सभी लोगों की आँखें नम कर दीं। सभी आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद गुलशन अपने परिवार के साथ घर लौट सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन ने इस मानवीय कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आकाश यादव के समर्पण, संवेदनशीलता, अथक प्रयास, बेहतर समन्वय एवं निरंतर प्रयासों की विशेष सराहना की। उनकी मेहनत ने एक धुंधली स्मृति को पाँच वर्षों बाद हुए भावनात्मक पारिवारिक मिलन में बदल दिया। अस्पताल ने इस अभियान में सहयोग देने वाले आगरा के स्थानीय प्रशासन, सामाजिक कार्यकर्ताओं, काउंसलर्स, स्वयंसेवकों तथा मानव जन कल्याण संस्था के सभी सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि "अस्पताल केवल बीमारियों का उपचार करने के लिए नहीं होते, बल्कि लोगों के जीवन में सम्मान, आशा और मानवता को पुनर्स्थापित करने के लिए भी होते हैं। गुलशन का अपने परिवार से मिलना एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के इतिहास के सबसे गौरवपूर्ण क्षणों में से एक है। यह हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य सेवा का वास्तविक मूल्य केवल सफल उपचारों में नहीं, बल्कि उन जीवनों में है जिन्हें हम बदलते हैं और उस उम्मीद में है जिसे हम फिर से जगाते हैं। हम  सुखदेव गौतम, आकाश यादव, हमारे चिकित्सकों, काउंसलर्स तथा इस मानवीय कार्य में सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।"
अस्पताल ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में भी वह मानव जन कल्याण संस्था के सभी लाभार्थियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराएगा तथा मानसिक रूप से दिव्यांग, निराश्रित एवं लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने के ऐसे प्रयास निरंतर जारी रखेगा।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान अस्पताल की उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है।
2 जुलाई 2026 को एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. शुनहदीप रिछी को हाउस ऑफ कॉमन्स, लंदन (यूके संसद) में "डिस्टिंग्विश्ड सर्विसेज इन क्रिटिकल केयर" सम्मान से नवाज़ा गया। इससे पूर्व वर्ष 2025 में नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 10वें स्मार्ट सिटीज इंडिया एक्सपो एवं 32वें कन्वर्जेंस इंडिया एक्सपो, जिसका आयोजन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा किया गया था, में अस्पताल को "बेस्ट पीपीपी प्रोजेक्ट अवॉर्ड" से सम्मानित किया गया।
एक वर्ष... हजारों मरीज... अनगिनत मुस्कानें... एक अटूट संकल्प सिर्फ एक वर्ष में एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल झांसी और सम्पूर्ण बुन्देलखंड के सबसे विश्वसनीय स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ, विशेषज्ञ चिकित्सक, आपातकालीन सेवाएँ, उन्नत सर्जरी, किफायती जांचें, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा मानवता के प्रति अटूट समर्पण के साथ अस्पताल लगातार स्वास्थ्य सेवाओं की नई परिभाषा गढ़ रहा है।
गुलशन की कहानी केवल एक पारिवारिक पुनर्मिलन नहीं है। यह निराशा पर उम्मीद की जीत है। असंभव पर विश्वास की जीत है और सबसे बढ़कर, यह मानवता की जीत है।
एज़ेल स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल अपने दूसरे वर्ष में प्रवेश करते हुए पुनः यह संकल्प दोहराता है कि वह करुणा, गुणवत्ता, किफायत और मानवीय मूल्यों के साथ समाज की सेवा करता रहेगा।
 
रिपोर्ट अंकित साहू

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