बबीना में जनसेवा का नया कीर्तिमान: आम जनमानस के बीच तेजी से बढ़ रही विधायक राजीव सिंह पारीछा की लोकप्रियता

झांसी। बुंदेलखंड के बबीना विधानसभा क्षेत्र (222) में राजनीति और जनसेवा का एक बिल्कुल नया स्वरूप देखने को मिल रहा है। क्षेत्र के लोकप्रिय भाजपा विधायक राजीव सिंह पारीछा की जमीनी पकड़, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और आम जनता से सीधे जुड़ाव के चलते उनकी लोकप्रियता का ग्राफ़ दिनों-दिन रिकॉर्ड रफ़्तार से बढ़ रहा है। चुनाव जीतने के बाद भी अपनी सक्रियता को और अधिक धार देते हुए विधायक पारीछा आज क्षेत्र के किसानों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के सुख-दुख के सच्चे हमदर्द और एक विश्वसनीय जननेता के रूप में उभर चुके हैं।
 
विकास कार्यों की महाश्रृंखला बनी लोकप्रियता का मजबूत आधार
 
बबीना विधानसभा के इतिहास में बुनियादी ढांचे और कृषि विकास को लेकर जितने ऐतिहासिक कार्य हाल के दिनों में धरातल पर उतरे हैं, उसने जनता के बीच विधायक के प्रति अटूट विश्वास पैदा किया है।
 
जल संरक्षण से खिले किसानों के चेहरे: चिरगांव, बड़ागांव और बबीना ब्लॉक के सूखाग्रस्त ग्रामीण अंचलों में 335 ब्लास्ट कूपों का निर्माण और ₹2.39 करोड़ की लागत से लघु सिंचाई विभाग के चेकडैमों के जरिए गिरते भूजल स्तर को सुधार कर उन्होंने अन्नदाताओं का दिल जीत लिया है।
कनेक्टिविटी की बड़ी सौगातें: पहुज नदी पर ₹13.15 करोड़ की लागत से बने बरूआपुरा-मुरारी मार्ग के ऊंचे पक्के पुल, बेतवा नदी पर पारीछा से उजरायन घाट तक पाण्टून पुल, और हीरापुर-बुडपुरा से हरपालपुर तक ₹173.07 लाख की पक्की डामर सड़क के निर्माण से दर्जनों गांवों का पिछड़ापन दूर हुआ है।
 
₹23.79 करोड़ का मॉडल स्कूल:
 
ग्राम बैदौरा में अत्याधुनिक 'मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय' का निर्माण करवाकर उन्होंने ग्रामीण बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा का बड़ा उपहार दिया है। 
 
संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण ने प्रत्येक नागरिक को जोड़ा
विधायक  राजीव सिंह पारीछा की बढ़ती लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनका संवेदनशील व्यवहार है। लक्ष्मीगेट बाहर, ओम शांति नगर स्थित मुख्य कार्यालय पर उनके द्वारा शुरू किया गया 'जन-सहयोग केंद्र' आज बबीना की जनता के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहां गरीब और सीधे-साधे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी दस्तावेज बनवाने और संशोधन कराने के लिए दफ्तरों के चक्करों व दलालों से मुक्ति मिल रही है। इसके साथ ही, टीबी (क्षय) रोगियों को व्यक्तिगत रूप से गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली देने और ₹6,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता की निजी व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसी संवेदनशील मानवीय पहलों ने उन्हें केवल एक राजनेता से ऊपर उठाकर जन-जन का चहेता बना दिया है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'मिशन 2027' के विजन को बबीना की धरती पर अक्षरशः उतारने के लिए विधायक राजीव सिंह जिस निष्ठा से दिन-रात जुटे हैं, उसी का परिणाम है कि आज बबीना का हर मजरा और हर नागरिक गर्व से उनके साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।
 
 
विकासपरक नीतियों और मानवीय दृष्टिकोण की कायल हुई बबीना की देवतुल्य जनता
 
"सुख हो या दुख, आधी रात को भी खड़े मिलते हैं विधायक जी""
 
आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद नेता केवल बड़े कार्यक्रमों में दिखते हैं। लेकिन विधायक राजीव सिंह पारीछा जी लगातार हमारे गांवों में आते हैं, चौपाल लगाते हैं। पानी के लिए उन्होंने बबीना, चिरगांव और बड़ागांव में 335 ब्लास्ट कूप और चेकडैम बनवाकर किसानों पर बड़ा उपकार किया है। लक्ष्मीगेट बाहर दफ्तर पर जो 'जन-सहयोग केंद्र' खोला है, उससे हम जैसे गरीब ग्रामीणों के सरकारी कागज बहुत आसानी से बन रहे हैं। वे सच में हमारे सुख-दुख के साथी हैं।"
 
— रामकिशोर राजपूत, स्थानीय ग्रामीण एवं किसान (बबीना विकासखंड क्षेत्र)
 
"मरीजों को गोद लेना और ₹6,000 की मासिक मदद उनकी संवेदनशीलता का प्रमाण""
 
राजनीति अपनी जगह है, लेकिन विधायक जी का मानवीय दृष्टिकोण अद्भुत है। टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे गरीब मरीजों को गोद लेना, उन्हें पोषण किट देना और अपने पास से ₹6,000 प्रति माह की बड़ी आर्थिक मदद देना किसी सच्चे जनसेवक की ही सोच हो सकती है। शिक्षा के लिए बैदौरा में ₹23.79 करोड़ का मॉडल स्कूल बनवाकर उन्होंने हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया है। बबीना का हर वर्ग आज उन पर अटूट भरोसा कर रहा है।"

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