झांसी के वायु सेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन मनोज श्रीवास्तव को दक्षिणी कमान का प्रतिष्ठित प्रशंसा-पत्र
झांसी। झांसी के निवासी एवं भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ पूर्व अधिकारी ग्रुप कैप्टन मनोज श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त) को राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर द्वारा प्रतिष्ठित जीओसी-इन-सी प्रशंसा-पत्र से सम्मानित किया गया है।
प्रशंसा-पत्र में उल्लेख किया गया है कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी ग्रुप कैप्टन श्रीवास्तव ने राष्ट्रभक्ति, निस्वार्थ सेवा, कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट कार्यकुशलता की भावना को निरंतर बनाए रखा। उन्होंने सदैव "राष्ट्र सर्वोपरि" के सिद्धांत का पालन करते हुए समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया तथा पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
ग्रुप कैप्टन मनोज श्रीवास्तव वर्ष 1985 में भारतीय वायु सेना की प्रशासनिक शाखा में कमीशन प्राप्त हुए थे। अपने 33 वर्षों के गौरवपूर्ण सैन्य जीवन में उन्होंने लेह एवं कारगिल सहित वायु सेना के चार महत्वपूर्ण स्टेशनों पर चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के रूप में सेवाएं दीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजस्थान क्षेत्र में एयर फोर्स पुलिस संगठन का सफल नेतृत्व भी किया।
अपने सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने ऑपरेशन पराक्रम एवं कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जोधपुर में एक आतंकवादी को साहस एवं सूझबूझ से पकड़ने के लिए उन्हें भारतीय वायु सेना के सर्वोच्च प्रशंसनीय सम्मानों में से एक चीफ ऑफ द एयर स्टाफ कमेंडेशन से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2018 में सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने समाज सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाए रखा। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने जरूरतमंद पेंशनरों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों की निस्वार्थ सहायता की। साथ ही वे वर्षों से युवाओं को भारतीय सेना, वायु सेना एवं नौसेना में अधिकारी बनने के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक युवक-युवतियाँ भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी के रूप में चयनित हो चुके हैं।
ग्रुप कैप्टन श्रीवास्तव का उद्देश्य झांसी एवं बुंदेलखंड के युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, ईमानदारी एवं राष्ट्रसेवा की भावना जागृत करना तथा उन्हें भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है।
देश सेवा की यह गौरवशाली परंपरा उनके परिवार में भी जारी है। उनके इकलौते पुत्र विंग कमांडर अनिरुद्ध श्रीवास्तव वर्तमान में भारतीय वायु सेना में अधिकारी के रूप में राष्ट्र सेवा कर रहे हैं, जिससे यह परिवार दो पीढ़ियों से भारतीय वायु सेना के माध्यम से देश की सेवा कर रहा है।
यह सम्मान केवल ग्रुप कैप्टन मनोज श्रीवास्तव और उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झांसी शहर के लिए गर्व का विषय है। दक्षिणी कमान द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान झांसी की गौरवशाली सैन्य परंपरा का सम्मान है और बुंदेलखंड के युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा की प्रेरणा है। पिता और पुत्र, दोनों का भारतीय वायु सेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा करना "राष्ट्र प्रथम" की भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण है तथा झांसी के लिए गौरव और सम्मान का विषय है।
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