जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिखाए कड़े तेवर, स्कूलों द्वारा वाहन एवं वाहनों की जानकारी न देने पर होगी सख्त कार्यवाही-डीएम
झांसी: आज कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति/जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का हुआ आयोजन। जिलाधिकारी ने बैठक में समीक्षा के दौरान कड़े तेवर दिखाते हुए प्रधानाचार्यों एवं स्कूल प्रबंधकों को उनके कर्त्तव्यों का बोध कराया और कहा कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक बच्चे का जीवन महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपस्थित अधिकारियों से कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा स्कूली वाहनों से संबंधित निर्दिष्ट मानकों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधक यह प्रमाणित करें कि कोई भी बच्चा बिना लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के वाहन से स्कूल नहीं आएगा,यदि स्कूल की ड्रेस में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाने के दौरान यदि दुर्घटना होती है तो अभिभावक /प्रधानाचार्य होंगी जिम्मेदार। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में उपस्थित प्रधानाचार्य/व्यवस्थापक एंव अध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अनफिट वाहन किसी भी दशा में सड़क पर नहीं चलेंगे, यदि वाहन चलते पाए जाते हैं तो विद्यालय की मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि यदि बच्चा यातायात नियमों का उल्लंघन कर स्कूल आता है और स्टंटबाजी करता है तो तत्काल कार्यवाही करें।
विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल/कॉलेज बच्चों को लाने ले जाने वाले वाहनों और वाहन चालकों की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने ताकीद करते हुए कहा कि सिर्फ सेफ्टी मानक को पूरा न करने और सूचना न देने पर ऐसे विद्यालयों को नोटिस निर्गत करते हुए सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एआरटीओ को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने एवं अभियान चलाते हुए विद्यालयों में सेफ्टी मानक पूरा करते वाहनों तथा वाहन चालकों की जांच के आदेश दिए।बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने एआरटीओ को निर्देशित किया की समस्त विद्यालयों के स्कूली वाहनों की जांचोपरांत 25 अनफिट स्कूली वाहन किसी भी दशा में सड़क पर न चले। इसे कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए, उन्होंने ऐसे वाहनों को सीज़ करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्कूली वाहनों के प्राइवेट ड्राइवरों का वेरिफिकेशन एंव उनकी चिकित्सीय जांच भी कराना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में एआरटीओ हेमचंद्र गौतम ने बताया कि जनपद में कुल 2436 स्कूल इसमें मदरसे भी शामिल है, 2402 स्कूलों की चेकिंग कर ली गई है। स्कूली वाहनों की जांच में 511 बस सभी का परीक्षण कर लिया गया है, जिसमें 13 का पंजीयन निलंबित,23 वाहनों की फिटनेस वैध नहीं थी, 01 वाहन का पंजीयन निरस्त कर दिया गया,03 वाहनों को बंद करा दिया गया है,10 वाहन ने फिटनेस कराली है एवं 03 वाहन अभी अवशेष हैं जिनकी फिटनेस नहीं हुई है। उन्होंने बताया प्रवर्तन कार्य के दौरान 11 स्कूली बस/ वैन का चालान किया गया, निजी वाहन जो स्कूली वाहन के रूप में संचालित है 39 वाहनों का चालान किया तथा 25 वाहनों को बंद कर संचालन रोक दिया गया है। उक्त वाहन परमिट जारी करने के उपरांत ही सड़क पर चल सकेंगे।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रती वर्मा को निर्देशित किया कि स्कूल में ट्रैफिक प्रोग्राम संचालित हो, जिसमें बच्चों को यातायात की जानकारी देते कैसे सड़क पर सुरक्षित चला जाता है की जानकारी दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कितने बच्चे स्कूल में हेलमेट लगाकर आते हैं, स्कूल प्रबंधन से उक्त जानकारी लेना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, एसपी सिटी श्रीमती प्रीति सिंह, नोडल अधिकारी अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी रजनीश गुप्ता, डीआइओएस श्रीमती रती वर्मा,सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी संदीप शर्मा,रविंद्र पांडेय आरएलपीएस, एआरटीओ एस के अग्रवाल, अपर नगर आयुक्त श्रीमती रोली गुप्ता,माइन्स ऑफिसर शैलेन्द्र सिंह, एनएचएआई सहित विभिन्न स्कूलों से आये स्कूल प्रबंधक/प्रधानाचार्य,बस एसोसिएशन, ट्रक एसोसिएशन, आटो एसोसिएशन के पदाधिकारी व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट अंकित साहू
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